सड़कों पर बेवजह निकलते नहीं दिखे लोग, रोडवेज बसों को नहीं मिली सवारी
मेरठ। जनपद मेरठ में शनिवार शाम से शुरू हुआ मिनी लाॅकडाउन के तहत रविवार को सड़कों से लेकर मोहल्लों तक में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। लोग अपने घरों के अंदर तो पुलिस सड़कों पर दिखी। पुलिस ने सड़़कों पर निकले लोगों से पूछताछ भी की। हालांकि रविवार को लोगों ने बिना कारण घरों से निकलने में परहेज ही किया। शहर के प्रमुख बाजार बेगमपुल, आबू लेन, पीएल शर्मा रोड, सदर बाजार, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, गंगानगर, लालकुर्ती, कंकरखेड़ा, दिल्ली रोड, लिसाड़ी गेट, हापुड़ अड्डा की दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं। इस बार देहात के इलाकों में भी लाॅकडाउन का असर दिखा और लोगोें ने अपने घरों से निकलने से परहेज किया।
सोमवार सुबह सात बजे तक चलने वाले मिनी लाॅकडाउन में आवश्यक सेवाओं और चुनाव डयूटी करने वालों आदि को छूट दी गयी थी। इनके अलावा बेहद कम ही लोग थे जो बिना जरूरी काम के घर से निकले थे। हालांकि जगह-जगह चेकिंग अभियान चला रही पुलिस ने ऐसे लोगों को कड़ी चेतावनी देकर वापस भेजा।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी आज सड़कों पर उतरे और लाॅकडाउन का पूरी तरह से पालन कराना सुनिश्चित किया। सुबह से ही पुलिस की गाड़ियों ने अनाउंसमेंट करते हुए लाॅकडाउन में बाहर न निकलने की चेतावनी देना शुरू कर दिया था। लाॅकडाउन में मेडिकल स्टोर, निजी अस्पताल, राशन की दुकान, ब्रेड, दूध सहित आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को ही खोलने की इजाजत दी गयी थी। स्पष्ट आदेश न होने के कारण रविवार को शराब की दुकानों को बंद करा दिया गया। वहीं आज शहर के कार्यालयों, प्रमुख चैराहों-सड़कों आदि को सेनेटाइज भी किया गया।
रोडवेज बसें रहीं खाली, नहीं दिखे यात्री
लाॅकडाउन के दौरान 50 प्रतिशत यात्री लोड के साथ रोडवेज बसों का संचालन किये जाने के आदेश थे। मगर सड़कों पर आने-जाने पर लगायी रोक और पुलिस की सख्ती के कारण लोग रोडवेज बस अड्डों तक नहीं पहुुंच पाये। ऐसे में रोडवेज बसें यात्रियों से खाली रहीं। ऐसे में बेहद कम संख्या में बसों का संचालन किया जा सका।

