लखनऊ के पूर्व सीएमओ ने कहा, जुलाई एंड और अगस्त शुरुआत में होगा बड़ा एग्जाम
यूपी के लगभग सभी शहरों में कोरोना में अनलॉक के बाद पकड़ ली है रफ्तार
कोविड-19 के संक्रमण की रफ्तार यूपी में तेज हो रही है. यदि लॉकडाउन फिर से नहीं लगाया गया तो यूपी को वुहान बनने में देर नहीं लगेगी. राजधानी लखनऊ के पूर्व सीएमओ डा. एसएनएस यादव ने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि सरकार बहुत जल्दी से फिर से लॉकडाउन लगा देना चाहिए.
50 हजार के करीब पहुंच रही संख्या
दरअसल, उत्तर प्रदेश में बढ़ते हुए आंकड़ों पर अगर ध्यान दें तो मौजूदा वक्त में पॉजिटिव केसों की संख्या 50 हजार के करीब पहुंचने वाली है. यूपी में तमाम कवायदों के बाद भी कोरोना संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेश के तमाम इलाकों में मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ा है. विशेषज्ञ पहले से भी कहते रहे हैं कि जुलाई और अगस्त का महीना स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ा चैलेंज वाला होगा. पिछले 15 दिनों के आंकड़ों को देखें तो लगातार केस तेजी से बढ़ रहे हैं.
यूपी में बढ़ी कैंटोनमेंट जोन की संख्या
उत्तर प्रदेश के सभी बड़े शहर कोरोना को लेकर के लगातार संख्या से परेशान हैं. मौजूदा वक्त में हालात इस तरह से खराब हो चुके हैं कि सूबे के एक दर्जन से ज्यादा शहरों में कैंटोनमेंट जोनों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है. राजधानी लखनऊ की बात करें तो शहर में 200 से ज्यादा कंटेनमेंट जोन की संख्या है. पिछले एक हफ्ते के भीतर लखनऊ में कोरोना का आंकड़ा 1000 से ज्यादा बढ़ गया है, वहीं राजधानी में कुल संख्या अब साढ़े 3 हजार पहुंचने वाली है.
बड़ा एग्जाम होने वाला है
लखनऊ के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएनएस यादव मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहते हैं कि ” सरकार को पूर्ण लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाने की अब जरूरत है जिस तरह से केस बढ़ रहे हैं. इससे साफ तौर से माना जा सकता है कि जुलाई माह का आखरी और अगस्त के महीने में काफी बड़ा इंतिहान होने वाला है. अगर सख्त कदम का पालन नहीं कराया गया तो जमीन पर हालात काफी खराब हो जाएंगे.”
80 परसेंट से ज्यादा बिना लक्षण के पेशेंट
पूर्व सीएमओ कहते हैं कि पिछले एक महीने की आंकड़ों पर बात करते हुए वह कहते हैं कि ” यही नहीं 80 फीसद से ज्यादा मरीज बिना लक्षण वाले हैं. बिना लक्षण वाले मरीजों को अब उनके निजी घरों में ही रखे जाने की जरूरत है. पूर्व सीएमओ ने कहा कि लगातार सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बिना लक्षण वाले मरीजों ने कब्जा जमा लिया है. जिससे पिछले कुछ दिनों में लगातार कोरोना के बढ़ते तादाद वाले मरीजों के इलाज में भी परेशानी आ रही है.”

