कोरोना के कहर से देशवासियों को बचाने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में मेघालय ने पीएम मोदी से की मांग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, लॉकडाउन के फैसले से देश को मिला लाभ, बाकि देशों की तुलना में हम बेहतर स्थिति में
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कोविड-19 और लॉकडाउन के फैसले को लेकर सभी राज्यों के सीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की बैठक में होम मिनिस्टर अमित शाह, हेल्थ मिनिस्टर डॉ. हर्षवर्धन, पीएमओ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के टॉप अफसर शामिल थे.सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की यह कोरोनावायरस से फाइट को लेकर तीसरी बैठक थी.
यह बैठक दोपहर 1 बजे के करीब खत्म हुई और अब सभी राज्यों के फैसलों का इंतजार है.मेघालय, मिजोरम, पुड्डुचेरी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, बिहार, गुजरात और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को बैठक में बोलने का मौका मिला. वहीं अन्य मुख्यमंत्रियों से अपने सुझाव लिखित में देने के लिए कहा गया है. मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि राज्य तीन मई के बाद लॉकडाउन को जारी रखना चाहता है. जिसमें अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा.बैठक में पीएम मोदी ने कहा, आप सब के सहयोग से भारत आज कोरोना से मिलजुलकर लड़ रहा है.हमें इस लड़ाई को कमजोर नहीं होने देना है.उधर,केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन शामिल नहीं हुए हैं. जब इसको लेकर सवाल उठे तो केरल मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से सफाई पेश की गई. बयान में कहा गया कि हमें कहा गया था कि पिछली दो बैठकें काफी अहम रहीं, क्योंकि कोरोना को रोकने के लिए विचार करना है.
लेकिन इस बार हमें कहा गया कि नॉर्थ ईस्ट और अन्य राज्यों पर फोकस रहना है.मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि इसलिए केरल के मुख्यमंत्री का बैठक में हिस्सा लेना अनिवार्य नहीं था. इसलिए केरल के चीफ सेक्रेटरी इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. गौरतलब है कि केरल में बीते कुछ दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आई है.हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुसार, केरल में सोमवार तक 458 कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं. जबकि यहां राज्य में अबतक 4 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत की बात ये है कि राज्य में अबतक 300 से अधिक लोग कोरोना वायरस को मात देकर ठीक हो चुके हैं.

