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Little Master: खिलाड़ियों को आईपीएल में क्यों याद नहीं आता वर्कलोड

Little Master: Why players don't remember the workload in IPL

सुनील गावस्कर का वर्कलोड पर चुभता हुआ सवाल

टी-20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत की शर्मनाक शिकस्त के बाद टीम इंडिया के समर्थन में वर्क लोड की बातें बहुत हो रही हैं, भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने इसी वर्कलोड पर आज बहुत चुभता हुआ सवाल किया है. गावस्कर ने कहा कि इन खिलाडियों को वर्कलोड क्या आईपीएल में याद नहीं रहता। वहां तो हर खिलाडी लीग का हर मैच खेलने के लिए तैयार रहता है, इंजरी के बावजूद भी. तब BCCI को भी अपने उन खिलाडियों का वर्क लोड याद नहीं रहता जो टीम इंडिया के रेगुलर मेम्बर होते हैं.

आईपीएल पर उठने लगे सवाल
दरअसल इस विश्व कप में हार के बाद अब हर कोई आईपीएल पर सवाल उठाने लगा है. बता दें कि आईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई यानि एक साल बाद जब भारत ने पहले टी 20 विश्व कप जीता था. यह क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी लीग है, कहा गया था कि नए खिलाडियों की इस लीग से एक बड़ी खेप सामने आयेगी, खेप ज़रूर सामने आयी लेकिन 2008 के बाद सात टी 20 विश्व कप हो चुके हैं लेकिन खिताब आज भी दूर है. ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि इस लीग से भारत को क्या फायदा हुआ।

वर्कलोड की बात पर गावस्कर हुए नाराज़
सुनील गावस्कर ने एक टीवी शो में अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि चार ओवर फेंकने में भी आपको अगर वर्कलोड याद आ जाय तो आपका रिदम कब बनेगा. गावस्कर ने कहा कि वर्कलोड शब्द को भारतीय टीम की डिक्शनरी से निकाल देना चाहिए. उन्होंने कहा कि टीम इंडिया के खिलाडियों के फिटनेस की बहुत बातें की जाती हैं। अगर खिलाडी इतने ही फिट हैं तो वर्कलोड की बात क्यों? गावस्कर ने कहा कि जब भारत के लिए आप खेलते हैं तब आपको वर्कलोड की याद आती है लेकिन आईपीएल आपको वर्कलोड की कोई दिक्कत क्यों नहीं होती? बता दें कि इसी वर्कलोड का बहाना बनाकर टीम इंडिया ने पिछले एक साल में सात या आठ कप्तानों को मौका दिया है और साथ ही कई सीनियर खिलाड़ियों ने भी अपनी मर्ज़ी से वर्कलोड के बहाने आराम किया है.

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