मथुरा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दस किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकान बन्द करा दी हैं। आबकारी विभाग ने नगर निगम के 22 वार्डों की 29 शराब, भांग की दुकानें आज बुधवार को बंद करा दी। इन दुकानो के बंद होने से शराब के शौकीनो को अब शराब के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ेगा। वहीं दुकानें बंद होने के कारण सरकार को क़रीब 42 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 सितम्बर 2021 को मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान के दस किलोमीटर दायरे को तीर्थ स्थल घोषित किया था। जिसके बाद इन क्षेत्र में चल रही शराब, भांग, मीट दुकान, शराब बार और रेस्टोरेंट बंद कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद लोगों ने उनके फैसले पर खुशी जताई। सरकारी प्रक्रिया और पूर्व में शराब के ठेके उठ जाने के कारण सितंबर 2021 में दुकान बंद नहीं हो पाईं थीं। जिसके बाद अब एक जून से श्री कृष्ण जन्मस्थान के आसपास के 10 किलोमीटर दायरे क्षेत्र में शराब की दुकान बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई और आज बुधवार को यह दुकानें बंद करा दी गईं हैं।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम के 22 वार्डों में शराब, बियर, भांग की दुकानें बंद करा दी गईं। नगर निगम के राधानगर, बैरागपुरा, महाविद्या कॉलोनी,बद्री नगर, कृष्णानगर प्रथम और द्वितीय, डेमपियर नगर, कोयला गली, जयसिंह पुरा, गोविंद नगर,घाटी बहलराय, , चौविया पाड़ा,मंडी रामदास नवनीत नगर, वनखंडी, द्वारिकापुरी, अर्जुनपुरा, हनुमान टीला, भरतपुर गेट, गऊ घाट,जगन्नाथ पुरी और मनोहर पुरा वार्ड में शराब, बियर व भांग की 29 दुकानों को बंद कराई है।
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जिला आबकारी अधिकारी कुमार प्रभात ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दस किलोमीटर दायरे में बंद कराई गईं है। जिनमें 29 दुकानों के बंद होने से करीब 42 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। 22 वार्डों में सात अंग्रेजी शराब की, सात देशी शराब की, आठ बीयर की व 6 भांग की दुकान थीं। इसके अलावा एक मॉडल शॉप व दो बार को बंद कर दिया गया है। 22 वार्डों में सभी शराब, बीयर एवं भांग की दुकान, मॉडल शॉप, बार बंद करा दिए। मध निषेध कानून लागू होने के कारण न केवल बिक्री करना, पीना, ले जाना, लेना प्रतिबंधित है।
