Thursday, October 21, 2021
Homeलाइफस्टाइलट्रेवलभारत में इन किताबघरों की बात है सबसे अलग

भारत में इन किताबघरों की बात है सबसे अलग

 वैसे तो देशभर में न जाने कितने ही पुस्तकालय हैं लेकिन कुछ किताबघर ऐसे भी हैं, जिनकी विशिष्टताएं उन्हें सबसे अलग बनाती है।  जानिए भारत के प्राचीन एवं ऐतिहासिक पुस्तकालयों के बारे में।   

शेरोफजी सरस्वती महल

भारत में इन किताबघरों की बात है सबसे अलग
Image by Michal Jarmoluk from Pixabay 

तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित यह पुस्तकालय एशिया के प्राचीनतम पुस्तकालयों में से एक है। यह पुस्तकालय तंजावुर पैलेस कैम्पस में स्थित है। यहां ताड़ के पत्तों पर पांडुलिपियों का दुर्लभ संग्रह मौजूद है। यहां इन संरक्षित पुस्तकों को पढ़ा भी जा सकता है।

शेषाद्रि अय्यर मेमोरियल हॉल

भारत में इन किताबघरों की बात है सबसे अलग
Image by ElasticComputeFarm from Pixabay 

बैंगलुरु स्थित यह पुस्तकालय अपनी ख़ूबसूरती और पुस्तकों के अथाह संग्रह के लिए जाना जाता है।  यहां क़रीब 3 लाख किताब हैं और ब्रेल लिपि का भी एक अलग विभाग बनाया गया है जिस वजह से नेत्रहीन लोग भी ज्ञानार्जन में बिल्कुल पीछे नहीं रहते हैं। 

कॉनेमरा सार्वजनिक पुस्तकालय

भारत में इन किताबघरों की बात है सबसे अलग
Image by Pexels from Pixabay 

चेन्नई स्थित यह पुस्तकालय देश के उन चार राष्ट्रीय डिपॉज़िटरी पुस्तकालयों में से एक है जहां सभी पुस्तकों, अख़बारों और पत्र-पत्रिकाओं की एक प्रति भेजी जाती है। इसकी स्थापना 1896 में हुई और यहां सदियों पुरानी प्रकाशनों का दुर्लभ भंडार है। 

दिल्ली सार्वजनिक पुस्तकालय

भारत में इन किताबघरों की बात है सबसे अलग
Image by StockSnap from Pixabay 

1951 में यूनेस्को परियोजना के रूप में इसका शुभारम्भ किया गया था। यह दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे व्यस्त सार्वजनिक पुस्तकालय है। इस पुस्तकालय की अनेक शाखा, उपशाखाएं पूरी दिल्ली में फैली हैं और क़रीब 18 लाख पुस्तकों का संग्रह यहां मौजूद है। पुस्तकालय में 9,431 ग्रामोफोन, रिकार्ड्स और कैसेट का स्टाॅक मौजूद है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

लेटेस्ट न्यूज़

ट्रेंडिंग न्यूज़