रमजान शुरू होने के साथ ही खजूर की मांग भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि बाजारों में सऊदी अरब, ईरान, इराक और दुबई सहित कई देशों के खजूर भी मार्केट में आ गए हैं।
Zeba Hasan
इबादत का महीना रमजान (Ramadan 2022) 3 अप्रैल से शुरु हो रहा। इस महीने में लोग दिन भर रोजा रखते हैं और शाम को मगरिब के वक्त रोजा खोलकर खाते-पीते हैं। ऐसे तो आम दिनो में भी लोग खजूर खाना पसंद करते हैं, लेकिन रमजान में इसकी अहमियत काफी बढ़ जाती है। दरअसल, रोजेदारों के लिए खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। यही वजह है कि शहर के बाजार खजूर से सज गए हैं। खजूर यानी डेट्स की सैकड़ों किस्में हैं और यह सारी खजूर गल्फ कंट्री से आती हैं। इस बार भी ऑन लाइन खजूर की बिक्री खूब हो रही है।
अब तो पूरा साल खाते हैं खजूर
पिछले कई साल से एमएस डेट्स, एंड ड्राई फ्रूट्स नाम की शॉप चला रहे रपीउद्दीन कहते हैं कि इस वक्त तीन सौ से ज्यादा वैराइटी की खजूरें आ रही हैं। हमारे पास कारीब 300 किस्म के खजूर मौजूद हैं। वैसे तो पूरा साल ही लोग खजूर खाना पसंद करते हैं लेकिन रमजान में इसकी डिमांड काफी बढ़ जाती है। रमजान में सबसे ज्यादा खुबानी, शुमरी, कश, तईबा, शबानी, मगरूम, सगई, अजवा, हयात खजूर की सेल होती है। इसके अलावा अम्बर-840 मैजुल 600 कलमी 380 से 480 तक, मबरूम-300 से लेकर 400 तक और अजवा-850 से 950 रुपए किलो वाला खजूर भी बिकता है। इसके अलावा एक खजूर मेवे वाला भी होता है हालांकि इसे बनाने का प्रॉसेस होता है। इसमें से बीज निकाल कर इसमें मेवा भरा जाता है। यह सारी खजूर गल्फ देशों से आती है।
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बिना बीज वाला खजूर भी
इस बार बाजार में बिना बीज वाला खजूर भी मौजूद है। खजूर विक्रेता इरशाद ने बताया कि इस खजूर के एक पैकेट की खरीद पर वह एक फ्री पैकेट का ऑफर भी दे रहे हैं। वहीं नक्खास मार्केट में रमजान के दिनों में ही खजूर बेचने वाले महताब कहते हैं कि सबसे ज्यादा मांग सऊदी अरब और ईरान के खजूरों की है। बाजार में यूं तो कई किस्म के खजूर मौजूद दे हैं, लेकिन सबसे महंगा खजूर सऊदी अरब के मदीना शहर का है। जिसे अजवा खजूर के नाम से जाना जाता है।
मोहम्मद साहब को पसंद था खजूर
रमजान (Ramadan 2022) में खजूर खाने के महत्व को लेकर मौलाना सरवर कहते हैं कि रोजदार दिनभर बिना कुछ खाए पिए रोजा रखते हैं। शाम में इफ्तार के वक्त रोजदार नमाज और दुआ पढ़ने के बाद जिस चीज से रोजा खोलते हैं वह खजूर ही है। खजूर खाकर रोजा खोलना, इसे इस्लाम में सुन्नत माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस्लाम धर्म के पैगम्बर मोहम्मद साहब को खजूर बहुत पसंद थे इसलिए रोजा खजूर खाकर ही खोला जाता है।
एनर्जी लेवल को बढ़ाता है
रमजान के पूरे महीने रोजा रखने वाले कासिम अली कहते हैं कि दिनभर रोजा रखने से एनर्जी लेवल कम हो जाता है। ऐसे में रोजा खोलते समय खजूर खाने से बॉडी को तुरंत एनर्जी मिल जाती है। इसके साथ ही इफ्तार के दौरान खायी चीजों को पचाने में भी खजूर मदद करता है। एक रिसर्च कें मुताबिक एक दिन में हमारी बॉडी को जितने फाइबर की जरूरत होती है वह हमें खजूर खाकर ही मिल जाती है। फाइबर्स के अलावा खजूर में मौजूद न्यूट्रियन्स हमारी बॉडी को हेल्दी रखते हैं जिस कारण इफ्तार में खजूर खाते है।
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खजूर-प्रति किलो का रेट
ईरानी – 120
अल ताज -140
कीमिया -185
बर्नी -190
खुबानी -200
फर्द -210
शुमरी – 210
तईबा -225
बेगमगंजी -225
ओमान -250
सफवी -270
खुदरी -250
हयात -350
मेधाज -1550
अजवा -800-1,000

