Ganesh Chaturthi Chandra Darshan Dosh: गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी ना करें चंद्रमा के दर्शन, चंद्र दर्शन कलंक निवारण के उपाय

 
Ganesh Chaturthi Chandra Darshan Dosh

 इस साल 31 अगस्त बुधवार को गणेश चतुर्थी पड़ रही है। इस दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया है। इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल में कलंक लगता है। भगवान कृष्ण को चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण शास्त्रों में विस्तार से वर्णित है।
 भाद्रशुक्लचतुथ्र्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा।
अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदुरूखभाग्॥

अर्थातः जो जानबूझ कर अथवा अनजाने में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन करेगा। वह अभिशप्त होता है। ऐसे लोगों को दुःख उठाना पडेगा।

गणेश पुराण के अनुसार भादों शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा देख लेने पर कलंक लगता है। ऐसा गणेश का वचन है। भादों शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें। यदि भूल से चंद्र दर्शन हो जाये तो निवारण के निमित्त श्रीमद्‌भागवत के १०वें स्कंध, 56-57 वें अध्याय में उल्लेखित स्यमंतक मणि की चोरी की कथा को सुने। जिससेे चंद्रमा के दर्शन से होने वाले कलंक का अधिक प्रभाव नहीं होता है। 

चंद्रदर्शन दोष निवारण हेतु मंत्र:-

यदि चंद्रदर्शन हो जाये तो निम्न मंत्र से पवित्र किया हुआ जल पाीना हितकर रहता है। मंत्र का 21, 54या 108 बार जप करना श्रेयकर रहता है। ऐसा करने से वह तत्काल शुद्ध हो जाता है और निष्कलंक हो जाता है। मंत्र निम्न है।
सिंहः प्रसेनमवधीत्‌, सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मा रोदीस्तव, ह्येष स्यमन्तकः ॥

चौथ के चन्द्रदर्शन से कलंक लगता है। इस मंत्र के उपयोग अथवा स्यमन्तक मणि कथा को सुनने से प्रभाव कम होता है।