Pitru Paksha 2022: गाय को चारा खिलाने से भी श्राद्धकर्म की होती है पूर्ति,प्रसन्न होते हैं पितर

 
Pitru Paksha 2022:

अगर श्राद्धकर्म करने के लिए पास में धन का आभाव है और बिल्कुल भी रुपया पैसा नहीं है तो ऐसे में उधार मांगकर धन लेकर भी श्राद्ध कर्म कर सकते हैं। ऐसे करके श्राद्ध कर्म करने से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है। अगर कोई उधार नहीं दे रहा तो पितरों के उद्देश्य से पृथ्वी पर भक्ति के विनम्र भाव से सात आठ तिलों से जलंाञ्जलि दे दें। इससे भी श्राद्ध कर्म पूरा होता है। अगर ऐसा भी संभव नहीं हो पाता है तो कहीं से चारा लाकर गाय को खिला दीजिए। इससे भी पितर प्रसन्न होकर आर्शिवाद देते हैं। अगर इतना भी श्राद्ध के दिनों में संभव नहीं हो पाता है तो अपनी बगल दिखाते हुए सूर्य तथा दिक्पालों से कहें न मेऽस्ति वित्तं न धनं न चान्यच्छ्राद्धोपयोग्यं स्वपितन्‌नतोऽस्मि। तृप्यन्तु भत्त्या पितरो मयैतौ कृतौ भुजौ वत्र्मनि मारुतस्य ।।

अर्थात:-मेरे पास श्राद्धकर्म के योग्य न धन-संपति है और न कोई अन्य सामग्री। अतः मै अपने सभी पितरों को प्रणाम करता हूँ। वो मेरी भक्ति से तृप्तिलाभ करे। मैंने अपनी दोनों भुजाएं आकाश में उठा रखी हैं। कृपया मेरे द्वारा दिए गए अतिथ्य को स्वीकार करें। कहा जाता है कि पितरो को तृप्त और प्रसन्न करने के लिए उनके लिए बिल्कुल साधारण पूजा और साधारण भक्ति के अलावा साधारण अतिथ्य ही माना गया है।