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आइए जानें कि पोस्ट-ऑफिस, बैंक और NBFCs की FD ब्याज़ दरों में कितना अंतर है

अगर आप बड़ी पूंजी जमा करना चाहते हैं, तो आपके लिए निवेश की राह पर आगे बढ़ना ही सबसे अच्छा तरीका है। जिन लोगों को पहले से निवेश का अनुभव होता है वे आमतौर पर अपने पोर्टफोलियो में निवेश के अलग-अलग साधनों को शामिल करते हैं। वे कई तरह के एसेट क्लास में निवेश करते हैं। इसमें कम जोखिम एवं साधारण रिटर्न देने वाले विकल्पों के साथ-साथ अधिक जोखिम एवं ज़्यादा रिटर्न वाले विकल्प शामिल होते हैं। यह जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर है, और ज्यादातर मामलों में जोखिम और रिटर्न के बीच सीधा संबंध होता है। हालांकि, फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे साधनों में न केवल जोखिम काफी कम होता है, बल्कि ये बेहतर रिटर्न भी देते हैं। 

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बैंक, नन-बैंकिंग फाइनैंसियल कंपनियां तथा डाकघर की ओर से फिक्स्ड डिपॉजिट की पेशकश की जाती है। इनमें से प्रत्येक की अपनी खासियत और फायदे हैं, एक निवेशक के रूप में यह आप पर निर्भर है कि आप अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सबसे अच्छा विकल्प चुनें। ज़्यादा-से-ज़्यादा रिटर्न पाने के लिए अधिक ब्याज़ दर वाला साधन ही सबसे बेहतर होता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आपको मिलने वाले रिटर्न में तब्दील हो जाता है।
यहां, कंपनी FDs आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं क्योंकि आमतौर पर बाजार में दूसरों की तुलना में उनके FDs की ब्याज़ दरें अधिक होती हैं। 

हाल ही में सभी फाइनैंसरों के FD ब्याज़ दरों में बदलाव हुए हैं साथ ही विशेषज्ञों ने महंगाई बढ़ने का भी अनुमान लगाया है, और इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए आइए हम भारत में साल 2022 की नई FD दरों पर एक नज़र डालें। अगर आप अपने विकल्पों के बारे में स्पष्ट जानकारी पाना चाहते हैं और FD ब्याज़ दरों के बीच तुलना को समझना चाहते हैं, तो आगे पढ़ें।

अस्वीकरण: ऊपर बताई गई दरें अप्रैल 2022 तक सभी के आधिकारिक वेबसाइटों पर दी गई सूची के अनुसार है

अगर आप ज़्यादा से ज़्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं, तो सबसे अच्छे वित्तीय संस्थानों की FD ब्याज़ दरों की तुलना करना इस दिशा में पहला कदम है। अगर यह मालूम हो जाए कि आपको सबसे अच्छी दर कहां मिल सकती है और यह दूसरों की तुलना में कितनी ज़्यादा है, तब आप अधिक समझदारी से और अच्छी तरह हिसाब करके फैसला ले सकते हैं। 

आप वित्तीय संस्थानों के अलावा पोस्ट-ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट में भी निवेश कर सकते हैं। यह सुविधा भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई है और इस आकर्षक विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। दूसरी सभी फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह, इसमें भी सालाना चक्रवृद्धि ब्याज़ का फायदा मिलता है। NRI निवेशकों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति इन FDs में निवेश कर सकता है। यहां 1 से 5 साल की समय-सीमा के लिए FD की ब्याज़ दरें 5.50% से 6.70% तक होती हैं। जितनी जल्दी आप निवेश शुरू करेंगे आपको उतना ही बेहतर रिटर्न मिलेगा, क्योंकि इस तरह आपका निवेश लंबे समय तक बरकरार रहता है और आपको चक्रवृद्धि ब्याज़ का फायदा मिलता है। 

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FD ब्याज़ दरों और मिलने वाले फायदों की तुलना करने पर यह बात स्पष्ट हो जाती है कि, FD में निवेश करते समय FD ब्याज़ दरें काफी मायने रखती हैं। हालांकि, सेफ्टी रेटिंग की जांच करना भी उतना ही जरूरी है। ICRA और CRISIL की सेफ्टी रेटिंग जितनी ज़्यादा होगी, निवेश का विकल्प उतना ही अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद होगा। रेटिंग से फंड के सुरक्षित होने का संकेत मिलता है। तो आज ही निवेश शुरू कीजिए, ब्याज़ दरों में बढ़ोतरी का भरपूर लाभ उठाइए और बिना किसी चिंता के बड़ी पूंजी जमा करने के लिए निवेश कीजिए।
 

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