मथुरा। एक साल के इन्तज़ार के बाद पारंपरिक लहंगा-ओढ़नी पहन बरसाना की गोपियां सोलह श्रृंगार् और हाथों में लठ्ठ लेकर रंगीली चौक पहुंची तो नंदगांव के हुरियारों ने उन्हें रिझाने के साथ ही हंसी ठिठोली शुरू कर दी जिसके बाद हुरियारिनों ने अपनी तेल लगी लाठियों से हुरियारों पर प्रेमपगे लठ्ठ बरसाना (Lathmar Holi 2022) शुरू कर दिया और हुरियारिनों की लाठी के प्रहार को अपनी ढाल पर झेलने के लिए हुरियारों को घुटने टेकने पड़े।शुक्रवार को बरसाना की रंगीली गली में ब्रज की परंपरागत लठामार होली के दृश्य को देखकर देशभर से आए श्रद्धालु भी भगवान राधा-कृष्ण के प्रेम के वशीभूत नजर आए।
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सुबह से ही बरसाना में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में ब्रज की प्रसिद्ध लठामार होली(Lathmar Holi) के अद्भुत क्षणों का साक्षी बनने के लिए गजब का उत्साह और उमंग दिखा। श्रीजी मंदिर में दर्शनों के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दोपहर को भगवान श्रीकृष्णरुपी ध्वजा को लेकर नंदगांव के हुरियारे बरसाना स्थित पीलीपोखर पहुंचे जहां बरसाना के गोस्वामी समाज के लोगों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। नंदगांव के हुरियारों ने भांग और ठंडाई का स्वाद चखने के बाद अपने-अपने सिरों पर साफा बांधा और फिर श्रीजी मंदिर के लिए निकल पड़े। बरसाना की गलियों से निकलने के दौरान हुरियारों पर जमकर गुलाल और रंग डाला गया वहीं छतों पर जहां भी बरसाना की गोपी खड़ी दिखी उन्हें नंदगांव के हुरियारों छेड़ने से जरा भी गुरेज नहीं किया और रसिया गाकर उन्हें रिझाने की भी खूब कोशिश की।
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मंदिर में समाज गायन होने के बाद दोपहर बाद रंगीली चौक पर पहले से खड़ी हुरियारिनों को जब रसिया गाकर हुरियारों ने छेड़ना और रिझाना शुरु हुआ तो हुरियारिनों ने भी उन पर जमकर लठ्ठ बरसाए। घुटनों के बल बैठ कर हुरियारे अपनी ढ़ाल पर लाठियों की मार (Lathmar Holi) से खुद को बचा रहे थे। इस अनोखी होली को देख बाहर से आए श्रद्धालु होली के रंग में सराबोर होकर भगवान श्रीराधाकृष्ण की भक्ति में लीन दिखे। होली के रंग में सराबोर हुरियारे और हुरियारिनें भी सालभर इंतजार के बाद लठामार होली खेलने के लिए इतने आतुर दिखे कि रंगोत्सव की मस्ती में जमकर थिरकते नजर आए।

