कुंभ मेला ड्यूटी के लिये मानसिक और वैचारिक तौर पर किया जा रहा तैयार
सीआईएसएफ- एसएसबी के 5 अधिकारियों सहित 113 जवान कर रहे प्रतिभाग
हरिद्वार। कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा देने के साथ पैरामिलट्री फोर्स व्यवहार कुशलता दिखाते हुए विनम्र होकर उनकी समस्याओं का समाधान करे। सीआईएसएफ और एसएसबी के जवान आदर के साथ व्यवहार करते हुए श्रद्धालुओं को अपनेपन का अहसास दिलाये। इसके लिये सीआईएसएफ और एसएसबी के 5 अधिकारियों सहित कुल 113 जवानों को व्यवहार कुशल बनाने के लिये प्रशिक्षण दिया रहा है। वहीं पैरामिलिट्री फोर्स को कुंभ मेला का परिचय, इतिहास, परंपराओं की जानकारी भी दी जा रही है ताकि वह इस ऐतहासिक और श्रद्धा का प्रतीक मेले के महत्व को समझ सकें और उसके अनुरूप ही व्यवहार करें। इससे पहले उत्तराखंड पुलिस के 15 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
गौरतलब है कि कुंभ मेला में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चैबंद रखने के लिये राज्य की पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात की जाती है। लेकिन मेला ड्यूटी करने आये पैरामिलिट्री फोर्स में अनेक अधिकारी और जवान ऐसे भी हैं जो कुंभ मेला में आने से पहले आतंकवादी, नक्सलाइट एवं अन्य अशांत क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे थे। ऐसे क्षेत्रों से सीधा कुंभ मेला में ड्यूटी करने आये अधिकारियों और जवानों के मानसिक स्थिति विषम परिस्थितियों का सामना करने के अनुकूल हो जाती है और वह सामान्य क्षेत्रों में ड्यूटी करते हुए सहज नहीं हो पाते। वहीं मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को पैरामिलिट्री फोर्स के व्यवहार से कोई असुविधा न हो इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। इसके लिये एटीसी हरिद्वार में पैरामिलिट्री फोर्स के लिये तीन दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है।सीआईएसएफ और एसएसबी के 5 अधिकारियों सहित कुल 113 जवानों को मानसिक और वैचारिक तौर पर तैयार करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
एटीसी हरिद्वार में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में पैरामिलिट्री फोर्स को कुंभ मेले के पौराणिक महत्व, परंपराओं और इतिहास से परिचित कराने के साथ मेले में उनकी भूमिका और श्रद्धालुओं के साथ करने वाले व्यवहार के बारे में जानकारी दी जा रही है। वहीं कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा प्रबंधन, आतंकवाद निरोधक कार्यवाही, दुर्घटनाओं के समय की जाने वाली कार्यवाही, संचार व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था, अखाड़ों का परिचय, धर्म ध्वजा, शाही प्रवेश, पेशवाई, भीड़ नियंत्रण, पैदल और वाहन यातायात योजना आदि के विषय में अवगत कराया जा रहा है।

