देहरादून। केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी में दी छूट की अवधि समाप्त हो रही है। उत्तराखंड को जीएसटी से करीब पांच हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। इसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद चितिंत हैं। उन्होंने इसके भरपाई की दिशा में सोचना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने अपने आवास स्थित सेवक सदन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में यह बातें कही। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट सामान्य जनता का बजट बने इसके लिए प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश धर्म और आध्यात्म का केंद्र रहा है। राज्य की पारिस्थिति और आर्थिक को साथ लेकर चलना होगा।
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उत्तराखंड आत्मनिर्भर जब ही बन सकेगा। जब हम सब अपने दायित्वों का निर्वहन इमानदारी के साथ करेंगे। सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे बजट में आम जनता के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट से पहले संवाद कार्यक्रम की प्रक्रिया प्रारंभ की है। जिससे इसमें व्यापार,उद्योग,पर्यटन, होटल, कृषि आदि क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के बजट के लिए सुझाव प्राप्त कर उनको बजट में समावेशित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी कोष को बढ़ाने के लिए कर राजस्व को बढ़ावा देने का प्रयास करना होगा। इसी के साथ अनेक महत्वपूर्ण सुझावों पर भी अमल करना होगा।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को 2025 तक देश के सबसे अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा करना है। इसके लिए जरूरी है कि उद्यमी युवाओं के मददगार बने। प्रदेश सरकार के वित्तमंत्री प्रेमचद अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में पहली बार बजट पूर्व इस तरह का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इससे समाज के अंतिम लाइन में खड़े व्यक्ति के विकास की परिकल्पना साकार होगी।

