ऋषिकेश। जिस रिजॉर्ट में अंकिता भंडारी काम करती थी। वहां कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के सबूत हाथ लगे हैं। कर्मचारियों ने पुलिस के नाम वेतन न देने और मारपीट के शिकायती पत्र लिखे हैं। रिजार्ट की छत पर एक बड़ा पिंजरा और उसके आसपास शराब की बोतलें मिली हैं। जो कि प्रताड़ना की गवाही दे रही हैं। वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक और अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्य के कर्मचारियों के साथ मारपीट और बंधक बनाने की बात लगातार आ रही है। भाजपा नेता के बेटे के रिजॉर्ट में काम करने वाले रुद्रप्रयाग निवासी युवक को पुलकित आर्य ने बंधक बनाया था। युवक को ऋषिकेश के सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद हटवाल ने बंधन मुक्त कराया था। पुलिस और खुफिया विभाग जब रिजॉर्ट में पड़ताल के लिए पहुंचे तो कई चैंकाने वाले सबूत उनके हाथ लगे। छत पर एक बड़े जानवर को कैद करने वाला पिंजरा रखा है।
हैरानी की बात कि रिजॉर्ट में बड़े जानवरों को कैद करने वाले पिंजरे का क्या काम था। पिंजरे के आसपास ही महंगी अंग्रेजी शराब की बोतलें जमा थी। कई कर्मचारियों ने पुलकित आर्य पर मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। हालांकि यह शिकायत किसी कर्मचारी के नाम पर थी। रिजॉर्ट के पूर्व कर्मचारी विवेक भारद्वाज और ईशिता भारद्वाज ने पुलकित आर्य के नशे की हालत में कर्मचारियों से मारपीट और प्रताड़ित करने की बात कही। ईशिता ने बताया कि अंकित उर्फ पुलकित रिजॉर्ट में लड़कियां लाता था। इनमें कुछ लड़कियां कई बार आती थी तो कुछ नई लड़कियां होती थी।
पूर्व कर्मचारी ईशिता भारद्वाज ने बताया कि पुलकित आर्य और अंकित उर्फ पुलकित वनंत्रा रिजॉर्ट में अवैध धंधे चला रहे थे। उन्होंने कहा कि सौरभ शामिल नहीं था। उन्होंने बताया कि सौरभ उनको पुलकित के कमरे में न जाने की बात कहता था। सौरभ ने उनको राखी बांधने के लिए कहा था। ईशिता ने बताया कि सौरभए पुलकित और अंकित के षड्यंत्र में फंस गया। वहीं पूर्व कर्मचारी ईशिता ने बताया कि उसने और उसके पति विवेश ने रिजार्टसे भागकर अपनी जान बचाई थी। ईशिता ने बताया कि भाजपा नेता का बेटा पुल्कित एक पटवारी को अयाशी के लिए लड़किया सप्लाई करता था। पटवारी रिजार्ट में ही आकर लड़कियों के साथ अयाशी करता था। पटवारी को शराब और नशे के लिए शराब की भी सप्लाई की जाती थी।

