Ankita Murder Case: गरीब पिता की बदहाली दूर करना चाहती थी बेटी अंकिता, रहीसजादों ने सुला दी मौत की नींद

उत्तराखंडAnkita Murder Case: गरीब पिता की बदहाली दूर करना चाहती थी बेटी...

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ऋषिकेश। ऋषिकेश विश्व में योगनगरी के नाम से प्रख्‍यात है। जहां पर लोग शांति की खोज में आते हैं। यहां साल भर पर्यटकों का सैलाब उमड़ता रहता है। लेकिन गत शुक्रवार को इस योग नगरी में ऐसा शर्मनाक घटना हुई जिसने देवभूमि उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश को देश को झकझोर कर रख दिया। घटना को भी भाजपा नेता के बेटे ने अंजाम दिया।  पौडी के गांव से भविष्य के सपने लेकर और परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के मकसद से युवती अंकिता ऋषिकेश आई थी। जहां पर उसने भाजपा नेता के वनन्तरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर अपनी जिंदगी की पहली नौकरी की शुरूआत की। उसे अपनी पहली नौकरी में एक महीना भी पूरा नहीं हुआ कि उसके साथ अनहोनी हो गई। रिजॉर्ट का मालिक भाजपा नेता के बिगड़ैल रईसजादे पुल्कित आर्या, अंकित और सौरभ अंकिता पर गलत काम के लिए दबाव बनाने लगे। लेकिन अंकिता ने इसके लिए इन्‍कार कर दिया। जब अंकिता ने इस बात की जानकारी अपने साथियों को दी तो रिसॉर्ट मालिक और उसके दो साथियों को यह बात बुरी लगी। गत 18 सितंबर को इसे लेकर चारों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान पुल्कित ने अंकिता को नहर में धक्‍का दे दिया। इसके बाद पुल्कित आर्या, अंकित व सौरभ मौके से फरार हो गए। रिसॉर्ट के सीसीटीवी में 18 सितंबर की रात अंकिता पुल्कित, अंकित व सौरभ के जाते दिखे तो पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा हुआ तो उत्‍तराखंड के साथ पूरा देश सन्‍न हो गया। 

अंकिता का परिवार आर्थिक तंगी से परेशान था। लेकिन उसके पिता वीरेन्‍द्र ने अंकिता को कभी भी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। अंकिता अपने पिता को सपोर्ट करने के लिए करीब एक माह पहले ही 28 अगस्‍त को वनन्‍तरा रिसॉर्ट में नौकरी करने के लिए पहुंची थी। लेकिन उसे क्‍या पता था कि जहां वह अपने सुनहरे भविष्य के सपने के साथ आई थी। वहां उसको मौत मिलेगी।  अंकिता भंडारी अपने माता.पिता और भाई अजय भंडारी की बहुत लाडली थी। शायद इसलिए जब उसने गांव से बाहर रहकर नौकरी करने की बात की तो घर पर सभी लोग उससे नाराज हो गए। लेकिन अंकिता की जिद के आगे परिवार वालों की एक नहीं चली। शायद उन्‍हें अंकिता के आत्‍मविश्‍वास पर पूरा भरोसा था। लेकिन उनकी खुशियों को नजर लग चुकी थी। घर से अनुमति मिलने के बाद अंकिता ने ओएलएक्स एप पर नौकरी की खोजबीन शुरू की। अंकिता को गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का ऑफर मिला तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन उसे क्‍या पता था कि वहां जाकर उसकी मौत निश्चित है। पिता को आर्थिक मदद करने का अंकिता का सपना, सपना रहा जाएगा।

28 अगस्‍त 2022 को रविवार वाले दिन वीरेन्‍द्र भंडारी अपनी लाडली को खुद रिसॉर्ट में नौकरी ज्‍वॉइन कराने चल दिए। रास्‍ते भर वह बेटी को समझाते रहे थे कि मन लगाकर काम करना। कोई परेशानी हो तो मुझे या मां को फोन करना। बेटी के सपनों को पंख लगते देख पिता उत्‍साहित थे। लेकिन 18 सितंबर की काली रात भंडारी परिवार की खुशियों को ग्रहण लग गया।  पिता को रिसॉर्ट में नौकरी मिलने पर संतोष था। लेकिन उन्‍होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके जिगर का टुकड़ा उनकी नजरों से दूर हो जाएगा।
नौकरी ज्वाइन करने के बाद अंकिता लगातार परिजनों के साथ फोन से संपर्क में रहती थी। उसने माता पिता को कभी अहसास नहीं होने दिया कि वह वहां पर परेशानी में है। अंकिता के जेहन में पिता की आर्थिक स्थिति का ख्‍याल आता होगा। तभी वह रिसॉर्ट मालिक पुल्कित आर्याए अंकित और सौरभ की मनमानी को सह रही थी।

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