- कोरोना काल की बंदिशों के चलते अपनों के अंतिम दर्शन से भी वंचित हैं परिवार
- श्मशान घाट से वीडियो काॅल के जरिये परिवारजनों को अंतिम दर्शन करा रहे हैं लोग
मेरठ। लोगों की जान ले रहे कोरोना ने मानवीय संवेदनओं को भी तार-तार कर दिया है। जिनकी गोद में खेले, जिनके प्यार के साये में पलकर बड़े हुए, आज उनके अंतिम दर्शन करने से भी लोग मरहूम हैं। अपनों को देखना, उनको आखिरी बार पैर छूकर प्रणाम करने से भी लोग वंचित हैं। ऐसे में लोगों पर जहां अपनों को खोने का दुख तारी है वहीं उनके अंतिम दर्शन न कर पाने का मलाल जीवन भर उनको सताता रहेगा।
आज सूरजकुंड श्मशान घाट पर एक ऐसा ही भावविह्वल कर देने वाला दृश्य देखने को मिला जिससे आखें नम और दिल भारी हो गया। कोरोना पीड़ित के अंतिम संस्कार के लिये पहुंचा परिवार उनके अंतिम दर्शन करने से भी वंचित था। शव के पास जाने की इजाजत नहीं थी और अंतिम संस्कार में भी चंद ही लोग शामिल हो सके। ऐसे में एक महिला ने अंतिम संस्कार की आॅनलाइन वीडियो शेयर कर लोगों को दूर से ही सही मगर अंतिम संस्कार में शामिल होने अवसर जरूर दिया।
आंखों से आंसू बह रहे थे मगर परिवार को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और अंतिम दर्शन कराने की जिम्मेदारी ने हाथ में मोबाइल मजबूती से थामे रखा। इन भावुक पलों में शामिल लोगों की आंखों से अनवरत बहते आंसू कोरोना को जी भरकर बददुआएं दे रहे थे। निःसंदेह यह बेहद दुख के पल थे लेकिन इंटरनेट के दौर में दूर बैठे लोगों को अपनों के अंतिम दर्शन हो पा रहे हैं इस बात ने मन को संतोष भी दिया। बस सभी के मन से एक ही बात निकल रही थी कि यह खौफ का मंजर जल्द से जल्द खत्म हो। एक-दूसरे को देखने से तरस गये लोगों के जीवन में राहत आये और कोरोना का खात्मा हो। अब गम की इंतहा हो चुकी है और दुख बर्दाश्त कर मुश्किल हो चला है। हे ईश्वर, सबकी मदद कर…

