इस बार 24 अक्टूबर 2022 सोमवार को दीपावली है। दीपावली की पूजा में छोटी से छोटी गल्तियां बड़ा नुकसान करवा सकती हैं। इसलिए दीपावली पर पूरे विधि—विधान और सावधानी के साथ पूजा करनी चाहिए। इससे पूरे साल घर में लक्ष्मी का वास रहता है और दरिद्रता भी दूर होती है। दीपावली के दिन घर के मुख्य दरवाजे के दायीं और बायीं ओर गेहूँ की छोटी ढेरी लगाकर उस पर दो दीपक जलाकर रख दें। हो सके तो दीपक रात भर जलते रहें। इससे घर में सुख-सम्पत्ति की वृद्धि होगी। मिट्टी के कोरे दिये में कभी तेल-घी नहीं डालना चाहिए। दिये को कुछ देर तक पानी में भिगोकर रखें। उसके बाद पूजा के लिए उपयोग में लाएं। नासमझ लोग कोरे दिये में घी डालकर अपना सब कुछ बिगाड़ कर लेते हैं।
लक्ष्मीप्राप्ति की साधना का एक अत्यंत सरल और केवल तीन दिन का प्रयोगः दीपावली के दिन से तीन दिन तक अर्थात् भाईदूज तक एक स्वच्छ कमरे में अगरबत्ती या धूप करके दीपक जलाकर, शरीर पर पीले वस्त्र धारण करके, ललाट पर केसर का तिलक कर, स्फटिक मोतियों की माला द्वारा नित्य प्रातः काल निम्न मंत्र की दो मालायें जपें।
ॐ नमो भाग्यलक्ष्म्यै च विद् महै।
अष्टलक्ष्म्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।।
इसके अलावा अशोक के वृक्ष और नीम के पत्ते में रोगप्रतिकारक शक्ति होती है। प्रवेश—द्वार के ऊपर आम,नीम,अशोक के पत्ते को तोरण बाँधना मंगलकारी है।
