- कहा, लगता है मामले की जांच करने से पीछे हट रही है पुलिस
नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट से फटकार पाने वाली यूपी सरकार को आज भी कोर्ट ने जमकर लताड़ लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह अंतहीन कहानी नहीं हो सकती। अदालत ने 44 गवाहों में से सिर्फ 4 गवाहों से ही पूछताछ किए जाने पर भी नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है की उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले की जांच करने से पीछे हट रही है। अपनी इस छवि को सुधारिये।
Read also: लखीमपुर खीरी हिंसाः मृतकों के परिवार को मिलेंगे 45 लाख रुपये, एक सदस्य को सरकारी नौकरी
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने देर से रिपोर्ट दाखिल करने परयूपी सरकार को फटकार लगाई। चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि आप आखिरी मिनट में रिपोर्ट देंगे तो हम उसे पढ़कर कैसे पाएंगे। कोर्ट ने कहा कि आपकी एसआईटी जानती है कि कमजोर गवाह कौन से हैं और उन पर हमला भी हो सकता है तो अभी तक सिर्फ 4 गवाहों के ही बयान दर्ज क्यों किए गए।
Read also: लखीमपुर खीरी हिंसाः 24 लोगों की शिनाख्त, सात हिरासत में लिये
यूपी सरकार के अधिवक्ता हरीश साल्वे ने चीफ जस्टिस एनवी रमना से कहा कि इस मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जिस पर कोर्ट ने पूछा कि अब तक कितने आरोपी हिरासत में और कितने आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। कोर्ट ने कहा कि यह एक अंतहीन कहानी नहीं हो सकती, गवाहों के बयान दर्ज कराने के साथ गवाहों की सुरक्षा का मुद्दा भी अहम है। इस पर हरीश साल्वे ने गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर तय की है और उससे पहले अगली स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।

