लखनऊ। मजदूर दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने जिंदगी जीने की जंग लड़ रहे एक मजदूर की आर्थिक मदद कर नेक काम किया है। पूरी दुनिया जहां मजदूर दिवस मना रही है, वहीं ऑफिसर्स एसोएसिशन के इस कदम की लोग खूब तारीफ कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट को दूर करने के लिए लगे मजदूर ने जब हादसे में अपने हाथ गंवा दिये तो जिम्मेदारों ने किनारा कर लिया। मासूम बच्चों के साथ पत्नी ने कर्ज लेकर किसी तरह इलाज करवाना तो शुरू किया लेकिन आर्थिक दिक्कतों ने उसके हौंसलों को तोड़ना शुरू कर दिया।
लेकिन, ऑफिसर्स एसोसिएशन की ऐन वक्त पर पहुंची मदद से न सिर्फ परिवार को एक उम्मीद की राह दिखी है बल्कि मजदूर को भी एक बार फिर से अपने जीवन को नये सिरे से खड़ा करने का हौसला भी मिला है। पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से मजदूर को 25 हजार रूपये की आर्थिक मदद दी गई है।
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गौरतलब है 33/11 केवी सबस्टेशन खुर्रमपुर ज्ञानी वर्मा जो सेस गोमती में पिछले लगभग 10 वर्षों से बिजली संविदा श्रमिक के रूप में काम कर रहे हैं, 23 अप्रैल को विद्युत आपूर्ति बहाल करने में अपना योगदान देते वक्त उनका एक विद्युत दुर्घटना के चलते एक हाथ काटना पड़ा। वह वर्तमान में केजीएमयू लखनऊ में एडमिट हैं और अपना इलाज करा रहे हैं। पावर ऑफिसर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एसोसिएशन का 5 सदस्यों वाला एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को श्रमिक दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर उनका हालचाल जाना और शॉल ओढ़ाकर श्रमिक का सम्मान बढ़ाया और 25000 रूपये की आर्थिक सहायता भी की।
एक हाथ कट जाने के बाद अपने मासूम बच्चों और पत्नी के भविष्य को लेकर चिंता में डूबे मजदूर को ऑफिसर्स एसोसिएशन ने हौसला तो दिया ही है और साथ ही यह भी कहा है कि उसके हक के लिए विभागीय मदद भी करायेंगे। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के पे बैक टू सोसायटी के सपने को साकार करने के लिए संघर्षरत एसोसिएशन ने लोगों से भी अपील की है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आयें। उन्होंने यह भी कहा है कि इस प्रकार की मदद वो पहले भी करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
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पावर ऑफिसर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष पीएम प्रभाकर, महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन, अतिरिक्त महासचिव अजय कुमार जब श्रमिक के परिवार से मेडिकल कॉलेज में मुलाकात की तो परिवार में उनकी पत्नी रोते हुए बोली कि कोई भी उनकी सहायता करने नहीं आ रहा है। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, हम बहुत परेशान हैं। जिस ठेकेदार के अंडर में हमारे पति काम कर रहे थे उसने आज तक कोई सहायता नहीं प्रदान की और ना ही देखने आए। जिस पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा अपकी पूरी व्यथा एसोसिएशन प्रबंधन तक पहुंचाएगा और जो भी मदद होगी वह कराई जाएगी। आगे भी एसोसिएशन आपके परिवार के साथ खड़ा है।
