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Kumbh Mela : 4 दिन में 2 करोड़ लोगों की सुरक्षा करना बड़ी चुनौती


Kumbh Mela : 4 दिन में 2 करोड़ लोगों  की सुरक्षा करना बड़ी चुनौती

बैशाखी स्नान पर एक करोड़ श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने का अनुमान
पूर्व सरकार में निर्धारित पुलिसकर्मियों की संख्या लगने लगी है कम

हरिद्वार। उत्तराखंड में सरकार बदलने के साथ ही पूर्व सरकार द्वारा कुंभ मेला (Kumbh Mela) आयोजन को लेकर जारी आदेशों को भी बदल दिया गया। ऐसे में पहले जहां श्रद्धालुओं की संख्या को सीमित रखने के लिये तमाम बंदिशें लगायीं गयीं थीं वहीं अब नये सीएम तीरथ सिंह रावत ने स्पष्ट आदेश दिये हैं कि श्रद्धालुओं के आने-जाने पर ज्यादा रोकटोक न की जाये। वहीं कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है। ऐसे में आने वाली 14 अप्रैल को होने वाले बैशाखी स्नान पर हरिद्वार में एक करोड़ श्रद्धालु आने की संभावना जतायी जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को संभालने के लिये पूर्व सरकार में निर्धारित पुलिसकर्मियों की संख्या अब कम लगने लगी है। ऐसे में हरिद्वार में और पुलिस तैनात करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

ऐतहासिक कुंभ मेले (Kumbh mele ) को कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने के लिये पूर्व रावत सरकार ने कोविड गाइडलाइन की बंदिशें लगायीं थीं। हरिद्वार कुंभ को सीमित स्तर पर आयोजित करने के लिये रेलवे से स्पेशल ट्रेन न चलाने की मांग करने के साथ हरिद्वार कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता भी लागू की गयी थी। 60 साल से अधिक आयुु के बुजुर्ग, 10 साल से कम आयु के बच्चे और गर्भवती महिलाओं से कुंभ मेला में न आने की अपील भी की गयी थी। ऐसे में माना जा रहा था की इस साल बैशाखी के स्नान पर अधिकतम 50 से 60 लाख श्रद्धालु हरिद्वार कुंभ मेला में पहुुंचेंगे।

मगर प्रदेश में सरकार बदलते ही पूर्ववर्ती सरकार के फैसले को बदलते हुुए सीएम तीरथ सिंह रावत ने कुंभ मेला मंे आने वाले श्रद्धालुओं पर लगी तमाम बंदिशों को हटा दिया। सीएम रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दे दिये हैं कि कुंभ मेला में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को रोका-टोका न जाये। सीएम रावत के रूख को देखते हुए 14 अप्रैल को होने वाले बैशाखी स्नान पद एक करोड़़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना बन गयी है।

पूर्व सरकार में श्रद्धालुओं की संभावित संख्या के मद्देनजर अधिकतम 15 हजार बलों की तैनाती की योजना बनाई गई थी। मगर तीरथ सरकार द्वारा कुंभ मेला का आयोजन भव्य रूप से करने की घोषणा के बाद 11 अप्रैल को सोमवती अमावस्या के स्नान से लेकर 14 अप्रैल के बैशाखी पर्व तक कुंभ मेला में लगभग दो करोड़ श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। अकेले बैशाखी पर्व पर ही एक करोड़ श्रद्धालु कुंभ स्नान को आने की आशा है।।

ऐसे में लगभग दोगुनी हो गयी श्रद्धालुओं की संख्या को व्यवस्थित करने के लिये अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की आवश्यकता है। लेकिन कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते केंद्रीय बलों की कमी है। वहीं उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव सिर पर आ जाने के कारण वहां से भी पुलिस बल मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में होमगार्डो को हरिद्वार कुंभ मेला में तैनात कर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जायेगा। अशोक कुमार, डीजीपी उत्तराखंड 11 से 14 अप्रैल तक हरिद्वार में कैंप कर व्यवस्था संभालेंगे। डीजीपी ने कुंभ मेला का सकुशल और सुरक्षित आयोजन कराने की बात कही है।

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