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आईपीएल ट्रॉफी के लिए कोहली का इंतज़ार और बढ़ा

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किस्मत की बात है वरना एक ट्राफी के लिए कोहली ने कितने रिकार्ड बना डाले। क्रिकेट का ये विराट खिलाड़ी 2008 से आईपीएल ट्रॉफी उठाने का इंतज़ार कर रहा है, कई सालों तक बतौर एक कप्तान और बल्लेबाज़ उसने पूरा ज़ोर लगाया लेकिन ट्रॉफी नसीब नहीं हुई, कप्तानी छोड़ने के बाद भी उसने अपने प्रयासों को जारी रखा. इस आईपीएल में भी सबसे ज़्यादा रन बनाकर विराट ने पूरा जोर लगाया, RCB ने एक तरह से नामुमकिन हालात को मुमकिन बनाते हुए प्ले ऑफ में प्रवेश किया, जब सभी ने उम्मीदें छोड़ दी थी तब लगातार 6 मैच जीतना ये दर्शाता था कि सितारे RCB के पक्ष में हैं और शायद RCB के लिए वो वक्त आने वाला है जिसका उसे पिछले 16 संस्करणों से इंतज़ार था. इस आशा को भी बलवान बनाने में विराट का ही हाथ था, उनकी बल्लेबाज़ी से ही ये संभव हो पाया कि आईपीएल से बाहर हो चुकी टीम प्ले ऑफ में पहुँच गयी.

लेकिन कहते हैं न “कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता”, विराट कोहली के साथ भी कुछ ऐसा है। कीर्तिमानों से उनकी झोली भरी पड़ी है, बस ट्रॉफी ही उनकी किस्मत से रूठी हुई है. कल रात राजस्थान रॉयल्स ने RCB को एलिमिनेटर राउंड में 4 विकेट से हराकर RCB के साथ विराट के सपने को भी तोड़ दिया। अपने आखरी लाग मैच में जब CSK को हराकर RCB ने प्ले ऑफ के लिए क्वालीफाई किया तब कोहली की ख़ुशी देखने लायक थी, ऐसा लग रहा था जैसे ट्रॉफी जीत ली हो, ये ख़ुशी इसलिए भी थी कि इस जीत से ट्रॉफी की उम्मीद बंधी थी लेकिन दो दिन बाद ही उस उम्मीद पर पानी फिर गया, सबसे ज़्यादा निराशा कोहली के ही चेहरे पर झलक रही थी क्योंकि ये इंतज़ार एक साल के लिए और बढ़ गया. कल रात किस्मत जैसे RCB से रूठी नज़र आ रही थी, CSK के खिलाफ नामुमकिन से कैच पकड़ने वाले खिलाडी आसान से कैच टपका रहे थे जो उनकी हार की बड़ी वजह बने.

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