नई दिल्ली। देश में दिवाली और धनतेरस के मौके पर सोना-चांदी खरीदना शुभ मानी गई है। इस बार लोग खरीदारी की तैयारी में जुटे हैं। वैसे इस समय सोने और चांदी की कीमतों में धरती-आसमान का फर्क है.।लेकिन धनतेरस पर अधिकतर लोग सोने-चांदी के सिक्के खरीदना ही अधिक पसंद करते है।. मौजूदा हालात में देखें तो महंगाई लगातार बढ़ रही है। शेयर बाजार लगातार एक दायरे में कारोबार कर रहा है। एक मध्यवगय परिवार को अपनी जमापूंजी को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए, कि उन्हें दिवाली पर सोना खरीदना चाहिए या फिर चांदी।
वैसे जब राजनीतिक या आर्थिक संकट गहराता तो सोना-चांदी निवेश के लिए सबसे बेहतर और सुरक्षित विकल्प बनकर उभरता है। एक साल में अगर दोनों के प्रदर्शन को देखें तो चांदी की उल्टी चाल से चल रही है। जबकि सोने में मामूली तेजी दर्ज की है। पिछले धनतेरस के मुकाबले इस बार धनतेरस पर सोने में 6 प्रतिशत की तेजी देखी है। जबकि इस दौरान चांदी की कीमतों में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यही नहीं, मेटल सेगमेंट में चांदी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।
केवल इस साल में चांदी की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके मुख्य कारण डॉलर मजबूती और महंगाई बढ़ने के साथ ब्याज दरों में इजाफा को माना जा रहा है। इसके अलावा चांदी की विदेशी कीमतें अधिक बढ़ सकती हैं। इसके 16.00 से नीचे जाने पर और दबाव बढ़ सकता है। मेरठ में आज चांदी की कीमत 60 हजार के भीतर ही हैं।
