आज तक विज्ञान हिमालय के कई रहस्यों से पर्दा उठाने में सफल नहीं हो सका है। अगर आप भी इन जगहों से वाकिफ नहीं है, तो आइए हिमालय की रहस्यमयी जगहों के बारे में विस्तार से जानते हैं-
ज्ञानगंज
ज्ञानगंज तिब्बत में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के निकट स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस जगह पर एक आश्रम है, जिसका निर्माण विश्वकर्मा जी ने की है। इस जगह पर आज भी भगवान राम, श्रीकृष्ण, बुद्ध आदि शरीर रूप में उपस्थित हैं। इसके साथ ही इस आश्रम में महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, महायोगी गोरखनाथ, श्रीमद शंकराचार्य, भीष्म, कृपाचार्य, कणाद, पुलस्त्य, अत्रि आदि को भौतिक रूपों में देखा जा सकता है।
कोंगका ला दर्रा
हिमालय की गोद में बसा कोंगका ला दर्रा, लद्दाख में स्थित है। इस जगह पर जाना बेहद मुश्किल है क्योंकि यह दर्रा बर्फ से ढ़की है। इस बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सिद्ध पुरुष कोंगका ला दर्रा पर जाते हैं। जहां उन्हें उड़न तश्तरी देखने को मिलता है। अगर कोई व्यक्ति उड़न तश्तरी देखना चाहता है तो कोंगका ला दर्रा में इसे देख सकता है क्योंकि इस जगह पर हर महीने एलियंस आते हैं।
गंगखर पुनसुम
जानकारों की मानें तो यह दुनिया में सबसे ऊंचा पर्वत है और आज तक इस पर्वत शिखर पर कोई पहुंच नहीं पाया है। दुनिया में यह इकलौता पर्वत है, जिसकी चोटी पर कोई नहीं चढ़ सका है। यह पर्वत भूटान में है। तिब्बत के लोग इससे डरते हैं और इसकी पूजा करते भी हैं।
टाइगर नेस्ट मठ
यह मठ खड़ी चट्टान के किनारे स्थित है। इस मठ के मध्य में एक गुफा है। ऐसा कहा जाता है कि गुरु पद्मसंभव ने तीन साल, तीन महीने, तीन दिन और तीन घंटे तक कठिन तपस्या की थी। गुरु पद्मसंभव दूसरे बुद्ध के रूप में जाने जाते हैं। ऐसा कहा जाता है बाघिन पर चढ़कर गुरु पद्मसंभव इस गुफा तक पहुंचे थे।
गुरुडोंगमार झील
इस झील का संबंध गुरु पद्मसंभव है। ऐसा माना जाता है कि स्थानीय लोगों के अनुरोध पर गुरु पद्मसंभव ने झील एक हिस्से पर हाथ रखा। इसके बाद से कड़ाके सर्दी के दिनों में भी यह झील का यह स्थान नहीं जमता है। बाकी पूरा झील जम जाता है।

