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डायबिटीज में आक के पत्ते कैसे है कारगर जानिए

डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है जिसे बेहतर जीवनशैली और स्वस्थ आहार से ही नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें ब्लड शुगर बढ़ने लगता है जिससे मरीज को अधिक प्यास लगना, गला सूखना, मुंह सूखना, लो बीपी, रूखी त्वचा, चक्कर आना, कमजोरी, कम दिखना और चोट ठीक न होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

डायबिटीज का कोई स्थायी इलाज नहीं है, इसलिए डायबिटीज के मरीज ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए दवाओं पर निर्भर रहते हैं। अगर आप शुगर के मरीज हैं और पूरी जिंदगी शुगर की दवा नहीं लेना चाहते हैं तो कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मदद भी ले सकते हैं। आयुर्वेद में आक के पौधे को मधुमेह के लिए एक शक्तिशाली जड़ी बूटी कहा गया है।

नोएडा के सेक्टर 27 ई-260 स्थित ‘कपिल त्यागी आयुर्वेद क्लीनिक’ के निदेशक कपिल त्यागी आपको बता रहे हैं कि आक का पौधा डायबिटीज के मरीजों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है और आप इसको कैसे इस्तेमाल कर सकते है-

आक के पत्ते मधुमेह का आयुर्वेदिक इलाज है

डॉक्टर ने कहा कि आक के पत्तों का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। आक के रस का उपयोग आयुर्वेदिक औषधि स्वर्णभस्म में किया जाता है। इस दवा का उपयोग मधुमेह के इलाज में किया जाता है।

आक का पौधा क्या है

आक के पौधे को आयुर्वेद में एक महान जड़ी बूटी माना जाता है। इसे गांवाट, अर्का या मदार के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम कैलोट्रोपिस गिगेंटिया (Calotropis gigantea) है। इसका उपयोग विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों, विशेषकर मधुमेह के लिए चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों में किया जाता है। आक के पौधे के गुणों की बात करें तो इस पौधे में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और घाव भरने के गुण मौजूद होते हैं। एंटीऑक्सिडेंट जो शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

शोध में चूहों का ग्लूकोज स्तर भी कम हुआ

एनसीबीआई में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने बबूल के पौधे की पत्तियों और फूलों के अर्क का चूहों पर भी इस्तेमाल किया। अध्ययन से पता चला कि बबूल के पौधे का रस इंसुलिन प्रतिरोधी होने से बचाता है। यह चूहों में सीरम ग्लूकोज के स्तर को कम करने में प्रभावी था।

इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है

इसी शोध से पता चलता है कि बबूल के पौधे में इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने की क्षमता होती है, जो संभावित रूप से शरीर की कोशिकाओं द्वारा ग्लूकोज के बेहतर उपयोग में सहायता करती है।

मधुमेह के लिए आक का उपयोग कैसे करें?

अगर आप मधुमेह के इलाज के लिए गनुत पौधे का उपयोग करने की सोच रहे हैं तो पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें। पौधे के विभिन्न भागों, जैसे पत्तियां, जड़ें या फूल, का उपयोग विभिन्न तैयारियों में किया जा सकता है। प्रत्येक भाग का अलग-अलग प्रभाव हो सकता है, इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि मधुमेह के लिए कौन सा भाग सुरक्षित और प्रभावी है। इसका उपयोग पाउडर, चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है। कितना मात्रा में खाना है इसके लिए आपकी उम्र, वजन, स्वास्थ्य स्थिति और बनाने की विधि जानना जरूरी है।

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