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अमृतपाल सिंह के लिए फंडिंग करती है किरणदीप, 28 खातों से भेजी 5 करोड़ की रकम

amrit pal

नई दिल्ली। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को आखिरकार पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, कहा जा रहा है कि अमृतपाल ने पूरी प्लानिंग के साथ गिरफ्तारी दी है। वह पिछले 36 दिनों से फरार था। दो दिन पहले यानी 20 अप्रैल को ही अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर लंदन जाने की कोशिश कर रही थी। उसे अमृतसर एयरपोर्ट पर पुलिस ने पकड़ लिया और लंदन जाने से रोक दिया। अब अचानक अमृतपाल की गिरफ्तारी हो गई। अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर एनआरआई है। वह ब्रिटेन की नागरिक है।

10 फरवरी को चोरी-छिपे की थी अमृतपाल के साथ शादी

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल ने 10 फरवरी को किरणदीप कौर से शादी की थी। 28 साल की किरणदीप पहले से ही खालिस्तानी समर्थक है। किरणदीप कौर का रिकॉर्ड काफी खराब रहा है। वह आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा के संपर्क में थी और अपने पति अमृतपाल सिंह की अध्यक्षता वाली डब्ल्यूपीडी के लिए फंड जुटाती थी। यहां तक कि वह 2020 में यूके में पुलिस के रडार पर आ गई थी।

10 फरवरी को अमृतपाल सिंह ने किरणदीप कौर से अमृतसर के पास अपने पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में शादी की थी। दोनों की शादी बेहद करीबी रिश्तेदारों और परिवार के बीच हुई थी। शादी में किसी को तस्वीरें क्लिक करने की अनुमति नहीं थी। अगर कोई तस्वीर खींचना चाहता था तो वह उसकी पत्नी की तस्वीर पीछे से ले सकता था, सामने से चेहरा क्लिक करने की अनुमति नहीं थी। अमृतपाल सिंह का विवाह समारोह बेहद निजी कार्यक्रम था। किरणदीप कौर यूके की नागरिक है लेकिन दोनों ने शादी के बाद रिवर्स माइग्रेशन ट्रेंड शुरू करने की कोशिश के लिए पंजाब में ही रहने का फैसला लिया।

अमृतपाल के फरार होने के बाद से सामने नहीं आई

18 फरवरी को अमृतपाल के फरार होने के बाद से उसके पिता तरसेम सिंह और मां बलविंदर सिंह मीडियाकर्मियों से बात कर रहे हैं, लेकिन किरणदीप कौर ने नहीं की। 22 मार्च को एक महिला पुलिस अधिकारी सहित दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमृतपाल की पत्नी से पूछताछ करने उसके घर गए थे। हालांकि किरणदीप कौर से ‘पूछताछ’ के बारे में न तो पुलिस ने और न ही अमृतपाल के माता-पिता ने मीडिया के सामने खुलासा किया।

पति के लिए फंडिंग करती है किरणदीप

पुलिस और खुफिया एजेंसियों का दावा किया है कि कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह को 158 विदेशी अकाउंट से फंडिंग की जा रही थी। इनमें से 28 खातों से पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भेजी गई थी। इन खातों का संबंध पंजाब के माझा और मालवा से है।

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