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योगी आदित्यनाथ के बचाव में कूदे केशव प्रसाद मौर्य, कहा-अखिलेश मांगें माफ़ी

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उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों की घोषणा अभी तक नहीं हुई है, लेकिन भाजपा और सपा नेताओं के बीच अलग-अलग मुद्दों को लेकर ज़बानी जंग शुरू हो गयी है। मुख्य टकराव भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच है, लेकिन इस टकराव में अन्य नेता भी शामिल हो गए हैं। योगी आदित्यनाथ पर ताजा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने शुक्रवार को अपने एक्स में कहा गया कि असली संत/महंत वे हैं जो भगवा वस्त्र पहनकर देहात में घूमते हैं, जबकि नकली संत/महंत सांसारिक कामों में व्यस्त रहते हैं। अपने नेता पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सपा प्रमुख से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की।

आमतौर पर योगी आदित्यनाथ पर अपरोक्ष रूप से हमला करने वाले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस के हाथों का मोहरा और राहुल गांधी के दरबारी बनकर यादव भाषा की मर्यादा भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों पर अखिलेश यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा आपकी भाषा सपा को खत्म कर देगी।”

सिर्फ केशव प्रसाद ही नहीं कई अन्य भाजपा नेता भी सपा प्रमुख पर हमला करते हुए मैदान में कूद पड़े। भाजपा नेता नीरज सिंह ने कहा कि जयचंद समाजवादी के वेश में घूम रहे हैं। संस्कार ही व्यक्ति के चरित्र का निर्धारण करते हैं, चाहे वह संत हो या महंत। सपा पर निशाना साधते हुए भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि जातिवाद की राजनीति लोकतंत्र पर सबसे बड़ा दाग है। उन्होंने कहा, “पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ी बाधा जातिवाद है! समाज में जातिवाद की राजनीति वैमनस्य और विभाजन के बीज बोती है!” राजेश्वर सिंह ने आगे कहा, “जातिवाद की गिरफ्त में लोकतंत्र को कराहता देख हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों की आत्माएं व्यथित हुई होंगी!”

बता दें कि कल अयोध्या के मिल्कीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर गुंडों को बचाने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया में सपा प्रमुख ने कहा कि अगर आप मेरी और सीएम योगी की एक साथ तस्वीरें देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि माफिया कौन है? इस बीच, अटकलों के मुताबिक उपचुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।

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