Gujarat Chunavi Dangal- गुजरात के चुनावी रण में उतरी आप पंजाब की भांति यहां भी अपने माथे पर जीत का ताज सजाते हुए भाजपा के विजय चक्र को तोड़ना चाह रही है और भाजपा के सामने खड़ी होकर उसे टक्कर देने को तैयार है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल लगातार भाजपा और कांग्रेस को कमजोर बनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं और गुजरात की जनता को लुभाने की हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं। लेकिन चुनाव से पहले ही विपक्ष को कमजोर बनाने की रणनीति तैयार करने वाली आप गुजरात मे कमजोर होती दिख रही है।
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क्योंकि अभी हाल ही में गुजरात आप ने संगठन में 850 नए पदाधिकारियों का ऐलान किया है। इसके बाद जिन्हें आप मे अच्छा पद मिला है वह सन्तुष्ट है लेकिन जिन्हें पद नहीं मिला वह पार्टी से खिन्न हो गए हैं और कांग्रेस की तरह अब आप मे अंतरिक कलह मची हुई है। पार्टी के लीडर आपस मे आपसी सामंजस्य स्थापित करने में असफल हो रहे हैं। वही जिन नेताओ को पद नहीं मिला उन्हें ऐसा लग रहा है कि पार्टी ने उनके साथ ठगी की है और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
आप मे मचे इस आंतरिक घमासान के परिपेक्ष्य में राजनीतिक विशेषज्ञयों का कहना है कि यह आप के लिए एक नई चुनैती है इससे आप को जल्द उभरना होगा क्योंकि अगर आंतरिक कलह का प्रभाव कम नहीं हुआ तो यह आप के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करेगा और जो आप आंतरिक कलह को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर कटाक्ष कर रही थी स्वयं कटाक्ष के घेरों में होगी। सूत्रों ने यह तक कहा है कि आप से असंतुष्ट नेता अब अपना भविष्य किसी अन्य दल में देख रहे हैं उन्हें कांग्रेस और भाजपा में।दिलचस्पी आ रही है अब अगर अरविंद केजरीवाल ने इन्हें साधने में असफल रहे तो न सिर्फ इनका वोट बैंक कमजोर होगा बल्कि विपक्ष को आप का चुनावी चक्रव्यूह तोड़ने का माध्यम मिल जाएगा।
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आप के पूर्व उपाध्यक्ष भीमाभाई चौधरी ने कहा कि मैं अभी आप का सदस्य हूँ और मैने अपनी निराशा से हाई कमान को अवगत करवा दिया है। पार्टी में फेरबदल हुआ और मुझसे इसका जिक्र तक नही किया गया मैं उस समय से पार्टी का सदस्य हूँ जब से पार्टी का गठन हुआ था। हमने भाजपा और कांग्रेस दोनो से लड़ाई की लेकिन उच्च पद उन्हें मिले जो नए आये। वही महिला मोर्चा की अध्यक्ष रहीं रितु बंसल ने कहा की आप ने हमारी कड़ी मेहनत को नहीं पहचान और हमे उतना महत्व नहीं दिया जितना मिलना चाहिए अभी मैं आम आदमी पार्टी में हूँ लेकिन इससे मैं मुकर नहीं सकती की उनके इस निर्णय ने हमे निराश किया है।

