देहरादून। उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह से प्रवेश कर गया है। राज्य में अधिकांश जिलों में भीषण बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश से केदारनाथ धाम यात्रा पर रोक लगा दी गई है। वहीं बारिश के कारण रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राजमार्ग पर स्थित सोनप्रयाग में पत्थर गिरने से एक यात्री की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए।
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वहीं खराब मौसम के कारण केदारनाथ धाम की यात्रा को अनिश्चितकाल तक के लिए रोक दिया है। बारिश के कारण आज सुबह से बदरीनाथ धाम हाईवे सिरोहबगड़ और गौरीकुंड हाइवे पानी के कारण बंद कर दिए गए हैं। मानसून की दस्तक के साथ कई स्थानों पर बारिश कहर बनकर बरस रही है। बारिश के बाद आए मलबे ने कुल 138 सड़कों पर यातायात अवरूद्ध हो गया है। इनमें से 92 सड़कों को खोल दिया है। जबकि 46 सड़कें अभी भी बंद हैं। आज गुरुवार सुबह बदरीनाथ धाम और गौरीकुंड हाईवे बंद हो गए।
ऋषिकेश बद्रीनाथ धाम राजमार्ग सिरोहबगड में भूस्खलन के कारण अब बंद हो गया है। अब देजिमांडा छातिखाल सड़क मार्ग से वाहनों का संचालन किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राजमार्ग पर सोनप्रयाग में पत्थर की चपेट में आने से यात्री की मौत हो गई जबकि तीन यात्री घायल हो गए हैं। खराब मौसम को देखते हुए अग्रिम आदेशों तक केदारनाथ धाम की यात्रा को रोक दिया है। सुबह आठ बजे तक 990 यात्री केदारनाथ धाम रवाना हुए।
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आज गुरुवार सुबह से हो रही बारिश से बदरीनाथ धाम राजमार्ग सिरोहबगड़ और गौरीकुंड हाइवे नौला बारिश के कारण बंद हो गया। चमोली जिले में देर रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। जिले में 12 ग्रामीण संपर्क मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। नंदानगर, देवाल, पोखरी, थराली ब्लाकों में सड़कें मलबे के कारण बंद हैं।
बारिश से बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। पर्वतीय जिलों में बारिश के चलते कई स्थानों पर हालात खराब हो गए हैं। सड़कों से मलबा हटाने में इस समय 235 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है।
