जम्मू। कश्मीर घाटी में हालात बेकाबू हो गए है। इस समय घाटी में 90 जैसे दशक वाले हालात बन गए हैं। पूरी घाटी सुलग रही है। कश्मीरी पंडितों को पता चल चुका है कि अब स्थिति सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गयी है। आज घाटी से कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हो चुका है। गुरुवार को कुलगाम में हुई दूसरे हिंदू की हत्या के बाद कश्मीरी पंडितों ने घाटी में अपने प्रदर्शन स्थगित कर दिए हैं। आज कश्मीरी पंडितों ने जम्मू की ओर सामूहिक पलायन करने का फैसला किया है। सभी कश्मीरी पंडितों से क़ाजीगुंड में नवयुग टनल के पास एकत्रित होने की अपील की है। अब तक 1800 कश्मीरी पंडितों समेत तीन हजार से अधिक लोग घाटी छोड़ चुके हैं।
श्रीनगर के इंदिरा नगर इलाके में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सख्त पाबंदियां रहीं। जहां-जहां कश्मीरी पंडित रहते हैं वहां मोहल्लों के बाहर पुलिस और सेना की भारी तैनाती कर दी गयी है। किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। मीडिया कर्मियों को भी नहीं जाने दिया जा रहा। ऐसी ही हालात कश्मीर घाटी के लगभग सभी जगहों पर बने हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि कश्मीरी पंडितों के कैम्पस को सील कर दिया गया है। कुलगाम में बैंक मैनेजर की हत्या के बाद से दहशत अधिक हो गयी है। वहीं सोशल मीडिया पर कश्मीरी पंडित महिला कर्मचारी का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो जम्मू रवाना होने की अपील कर रही है। महिला कह रही है कि बहुत हो गया। आज जो स्थिति बनी वो पूरी तरह सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गयी है। हम सभी कर्मचारियों ने फैसला किया है कि वो घाटी छोड़ रहे हैं।
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इस बीच बारामुला वीरवन पंडित कॉलोनी के अवतार भट ने बताया कि हमने प्रदर्शन स्थगित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आये दिन हत्याएं और अधिक बढ़ रही है। कश्मीर माइनॉरिटी फोरम ने बयान जारी कर कहा कि बैंक कर्मी की हत्या के बाद फैसला लिया गया कि प्रदर्शन को स्थगित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यकों के पास कोई विकल्प नहीं है, इसलिए वह आज जम्मू की तरफ पलायन करें। बताया जा रहा है कि गुरुवार को कश्मीरी पंडितों ने पलायन करने की कोशिश की, लेकिन कॉलोनियों के बाहर तैनात सुरक्षाबलों उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। सूत्रों ने बताया कि अनंतनाग के मट्टन से 21 परिवार, बारामुला से पांच, शेखपोरा से 12, श्रीनगर से सात परिवार निकल गए हैं। आज सुबह से पलायन जारी है।

