4-5 जून को वाराणसी में जुटेंगे BRICS देशों के प्रतिनिधि, संस्कृति कार्य समूह की होगी अहम बैठक
अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पर्यटन, कारोबार और काशी की वैश्विक पहचान को मिलेगा बड़ा फायदा
वाराणसी : अब सिर्फ आस्था और अध्यात्म की नगरी नहीं, बल्कि वैश्विक कूटनीति और सांस्कृतिक संवाद का भी बड़ा केंद्र बनने जा रही है। आगामी 4 और 5 जून को काशी में BRICS देशों के संस्कृति कार्य समूह की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी शहर के होटल ताज में की जाएगी, जहां दुनिया के कई देशों से प्रतिनिधियों का आगमन होगा।
सम्मेलन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और संस्कृति मंत्रालय की निदेशक प्रियंका चंद्र की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का खाका तैयार किया गया। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि विदेशी मेहमानों के स्वागत में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। यातायात, सुरक्षा, साफ-सफाई, रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आवास जैसी व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश में जुटा है। इस वर्ष भारत “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता” थीम के तहत विभिन्न बैठकों का आयोजन कर रहा है। वाराणसी में होने वाली यह बैठक उसी श्रृंखला का अहम हिस्सा मानी जा रही है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत कई सहयोगी देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
काशी के लिए यह आयोजन कई मायनों में खास माना जा रहा है। इससे शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूती मिलेगी। दुनिया के सामने बनारस की सांस्कृतिक विरासत, संगीत, कला, गंगा घाट और आध्यात्मिक परंपरा को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही होटल उद्योग, पर्यटन कारोबार, स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प क्षेत्र को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि काशी को वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का बड़ा अवसर है। यही वजह है कि शहर को सजाने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।

