कार्तिक मास में दीपदान का विशेष महत्व है। अगर किसी विशेष कारण से कार्तिक में प्रतिदन दीपदान करने में असमर्थ हैं तो पांच विशेष दिन दीपदान आवश्य करें। पद्मपुराण, उत्तरखंड में महादेव कार्तिकेय को दीपावली, कार्तिक कृष्णपक्ष के पाँच दिन में दीपदान का विशेष महत्व बताया है। विशेषतः कृष्णपक्ष में 5 दिन यानी रमा एकादशी से दीपावली तक बड़े पवित्र हैं। इन पांच दिनों में जो दीपदान किया जाता है,वह सब अक्षय और सम्पूर्ण कामनाओं की पूर्ति करने वाला होता है।
इसी प्रकार रात्रि में सूर्यास्त हो जाने पर घर में,देववृक्ष के नीचे,गौशाला में तथा मन्दिरों में दीपक जलाकर जरूर रखना चाहिए। देवताओं के मंदिरों में,शमशान और नदियों के तट पर अपने कल्याण के लिए घृत आदि से पाँच दिनों तक दीप जलाना चाहिए। ऐसा करने से जिनके श्राद्ध और तर्पण नहीं हुए वे पापी पितर दीपदान के पुण्य से परम मोक्ष को प्राप्त हो जाते हैं।

