कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा को बड़ा झटका लगा है क्योंकि बीजेपी के एमएलसी पुत्तन्ना ने कमल का साथ छोड़कर कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया है साथ ही अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रिय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, नेता विपक्ष सिद्धारमैया और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार की मौजूदगी में पुत्तन्ना ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की। दो दिन पहले भी भाजपा के दो पूर्व विधायक और एक पूर्व महापौर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे.
कभी भी हो सकती है चुनाव तारीखों की घोषणा
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कभी भी हो सकती है. चुनाव से पहले कर्नाटक की बोम्मई सरकार काफी परेशानी में है। जनता के बीच उनकी छवि PAY CM के रूप में बन गयी है जिनकी सरकार में 40 प्रतिशत कमीशन एक आम बात है. बोम्मई सरकार की इस छवि से बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व भी बहुत परेशान है और सरकार की इस छवि से उबरने के लिए भरपूर कोशिश का रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के अबतक राज्य के सात आठ दौरे हो चुके हैं, अमित शाह ने तो लगभग डेरा ही डाल रख है. पार्टी के अंदर ज़बरदस्त गुटबाज़ी चल रही है. पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने भी चुनावी राजनीती से संन्यास की घोषणा कर दी है इसलिए यह गुटबाज़ी और भी बढ़ गयी है.
कर्नाटक भाजपा में असंतोष की ख़बरें
हालाँकि दिल्ली नेतृत्व येदियुरप्पा का चुनाव में पूरी तरह इस्तेमाल कर रहा है, उन्हें आगे कर रहा है, उनके नाम पर वोट भी मांग रहा है लेकिन उनके समर्थकों को मनाने में भाजपा को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है. यही वजह है कि पार्टी छोड़ कर जाने वालों की संख्या भी धीरे धीरे बढ़ रही है, अभी भाजपा के दो मौजूदा विधायकों के भी दो एक दिन में कांग्रेस में जाने की बाते सामने आ रही हैं. कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डी के शिवकुमार के मुताबिक भाजपा में पार्टी छोड़ने वालों की लम्बी लाइन है और जल्द ही वहां भगदड़ जैसी स्थिति होने वाली है. शिवकुमार ने कांग्रेस पार्टी को 140 सीटें मिलने का दावा किया है.
