Communal tension: भाजपा शासित राज्य कर्नाटक के बीदर एक ऐतिहासिक महमूद गँवा मस्जिद जो हेरिटेज साईट भी है उसमें जबरन घुसकर कुछ लोगों ने सांप्रदायिक नारेबाजी के साथ पूजा भी की, पुलिस ने मामले में 9 लोगों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है जिसमें चार लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वहीँ AIMIM प्रमुख ने आरोप लगाया है कि यह घटना मुसलमानों को नीचा दिखाने के लिए अंजाम दी गयी है. पुलिस के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
दरअसल दशहरा के जुलूस में भाग लेने वाली भीड़ के कुछ लोग इस ऐतिहासिक मस्जिद में घुस गए, मस्जिद के अंदर मदरसा भी, इसके साथ ही यह एक हेरिटेज साइट भी है. महमूद गांवा मस्जिद में घुसी भीड़ ने पहले तो वहां साम्प्रदायिक नारेबाजी की वहीँ पुलिस के मुताबिक भीड़ ने अंदर पूजा भी की. मस्जिद में ताला पड़ा हुआ था लेकिन भीड़ ने उस ताले को तोड़ दिया. बता दें कि यह मस्जिद 1460 के दशक में बनी थी, बीदर का महमूद गवां मदरसा ASI के अंतर्गत आता है और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की सूची में शामिल है.
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पूजा करने से पहले मदरसे की सीढ़ियों पर खड़े होकर “जय श्री राम” और “हिंदू धर्म जय” के नारे लगाए जा रहे हैं. घटना के समय मस्जिद के पास भारी भीड़ नज़र आ रही है. वहीँ बीदर के मुस्लिम संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ फौरी कार्रवाई नहीं हुई तो जुमे की नमाज़ के बाद ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया जायेगा.
