जैसा कि कई दिनों से चर्चाएं चल रही थीं आज़म खान और अखिलेश के बीच कपिल सिब्बल सुलह का पुल बन सकते हैं, चर्चाएं थीं कि कपिल सिब्बल को राज्यसभा भेजकर अखिलेश यादव पार्टी के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे आज़म खान से अपनी बढ़ती हुई दूरियों को ख़त्म कर सकते हैं, आज वह बात सच साबित हुई. कांग्रेस के बरसों पुराने नेता और मशहूर वकील कपिल सिब्बल आज कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा देकर सपा की साइकिल पर सवार हो गए। यही नहीं उन्होंने आज सपा की ओर से राज्यसभा के लिए नामांकन भी कर दिया।
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कल ही आज़म खान ने कहा था कि राज्यसभा में किसको भेजना है यह अखिलेश यादव का अधिकार है लेकिन अगर कपिल सिब्बल को पार्टी राजयसभा का उम्मीदवार घोषित करती है तो सबसे ज़्यादा ख़ुशी उन्हें होगी और अखिलेश यादव ने आज आज़म खान को खुश कर दिया. लखनऊ में आज नामांकन करने आये कपिल सिब्बल ने खुलासा किया कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा 16 मई को ही दे दिया था, इसका मतलब पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी उसका पटापेक्ष आज जुआ.
कपिल सिब्बल का नामांकन कितना अहम् था यह इस बात से पता लगता है कि नामांकन के समय सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव भी मौजूद थे. कपिल सिब्बल का सपा में आना पार्टी के लिए एक अच्छा शगुन माना जा सकता है, एक तो अखिलेश और आज़म की जोड़ी टूटने से बचेगी जिसकी सियासी गलियारों में बड़ी चर्चा चल रही थी दुसरे पार्टी को कानूनी रूप से मदद करने वाला एक धुरंधर वकील भी मिल जायेगा साथ ही उच्च सदन में पार्टी की बात रखने वाला एक प्रखर वक्ता भी जो अपनी बात को तथ्यात्मक आधार पर मज़बूती से अब तक कांग्रेस पार्टी के लिए रखता आया है.
कपिल सिब्बल का सपा में आना जहाँ उसके लिए बड़े फायदे का सौदा है वहीँ कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा झटका भी. भले ही वह कुछ समय कांग्रेस के प्रति थोड़ा बाग़ी रुख अख्तियार किये हुए थे लेकिन ऐसे प्रखर वक्ता का कांग्रेस से चला जाना उसके लिए झटका तो है ही. सिब्बल के सपा में आने से अब इस बात की पूरी उम्मीद है कि अखिलेश और आज़म की साथ में कोई तस्वीर जल्द ही सामने आ सकती है क्योंकि ख़बरों के अनुसार आज़म खान की पूरी कोशिश थी कि सिब्बल को अखिलेश राज्यसभा भेजें, आज़म ने अप्रत्यक्ष रूप से यह सन्देश भी पार्टी प्रमुख को भेजा था और कल ही इस बात की चर्चा थी कि अखिलेश को यह ऑफर पसंद आया है जिसमें दोनों का फायदा है.
