Site icon Buziness Bytes Hindi

Kanpur Incident: कोरे आश्वासनों से पीड़ित परिवार को नहीं मिलेगा न्याय, मनोज पाण्डेय

sapa

समाजवादी विधानमंडल दल विधानसभा उ0प्र0 के मुख्य सचेतक मनोज पाण्डेय ने कानपुर देहात में मां-बेटी की जलकर हुई मौत की घटना को मानवता के लिए शर्मसार करने वाला बताते हुए कहा कि कोरे आश्वासनों से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। भाजपा सरकार को इस कांड में जिलाधिकारी तथा एसपी को भी आरोपित करना चाहिए। पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रूपये तथा दो सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी संवेदना प्रकट करते समय दिए जाने चाहिए।

बुलडोजर चालक स्वयं कुछ कर सकता है?

मनोज पाण्डेय ने कहा कि इस अमानवीय घटना में लेखपाल, गरीब ड्राइवर और पुलिस के छोटे कर्मचारियों को एफआईआर में नामित किया गया है। क्या बुलडोजर चालक स्वयं कुछ कर सकता है? वहां एसडीएम और दूसरे अधिकारी थे जिनके सामने अमानवीय कृत्य हुआ। भाजपा का बुलडोजर गरीबों के लिए काल बन गया है।

लोकतांत्रिक देश में संविधान राजस्व संहिता है

पाण्डेय ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में संविधान राजस्व संहिता है। परिवार न्याय के लिए तीन बार डीएम के यहां गया। दूसरे अधिकारियों से गुहार लगाई। बेटे ने धरना दिया तो उसके विरूद्ध हिस्ट्रीशीट खुलवाने की धमकी दी गई। राजस्व संहिता के अनुसार गांव समाज की जमीन पर कब्जे की स्थिति में पहले नोटिस दी जाती है, दूसरे पक्ष को भी सुना जाना है। पर यहां तो परिवार के अंदर रहते हुए भी उनकी झोपड़ी में आग लगाए जाने का आरोप है। मां-बेटी उसमें जलकर मर गई। बेटी एलएलबी की पढ़ाई कर रही थी।

कानपूर में अक्सर होती हैं ऐसी घटनाएं

मनोज पाण्डेय ने कहा कि कानपुर देहात की तरह और भी घटनाएं घट चुकी है। थोड़े दिन पहले बलवंत सिंह की कानपुर पुलिस हिरासत में मौत हुई। कन्नौज में अरुण शाक्य की हत्या की गई। बाराबंकी में तीरथ पाल की बुलडोजर कार्रवाई के दौरान सदमे से मौत। ललितपुर में एक दलित युवक मारा गया। रायबरेली में रोहित पासी को मजदूरी मांगने पर मारा गया। गाजियाबाद में ऑटो ड्राइवर की पुलिस पिटाई से मौत हुई।

Exit mobile version