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Kanpur Encounter : विकास दुबे के फाइनेंसर जय बाजपेयी ने दुबई में खरीदा था फ्लैट, कई खेल उजागर


Kanpur Encounter : विकास दुबे के फाइनेंसर जय बाजपेयी ने दुबई में खरीदा था फ्लैट, कई खेल उजागर

जय ने विकास से 2% पर लिए थे 5.50 करोड़, 5.50 करोड़ को 5% पर किसी और को दिए थे

विकास के पैसे से बड़े स्तर खिला रहा था बीसी, कुछ ही सालों में बन गया अमीर

अमित बिश्‍नोई

अपने जवानों की निर्मम हत्या देखने के बाद पुलिस डिपार्टमेंट इस हत्याकांड में सहयोगी रहे किसी को भी बख्सने के मूड में नहीं है. विकास के सभी सहयोगियों की जांच हो रही है. दो दिन पहले अरेस्ट किया गए बसपा नेता अनुपम दुबे को पुलिस ने सबूत न मिलने पर उसे छोड़ दिया है. विकास के कई सहयोगियों को हिरासत में लेने के बाद अब उसके फाइनेंसर जय वाजपेयी को एसटीएफ ने शिकंजे में लिया है.लखनऊ में उससे पूछताछ की गई.सूत्रों का कहना है कि करीब हजार करोड़ की संपत्ति का मालिक विकास दुबे है. उसका सारा काला कारोबार देखने का जिम्मा जय बाजपेयी के पास है वह विकास दुबे की अघोषित संपत्तियों को ठिकाने लगाने के साथ उसका पैसा रियल एस्टेट तथा शराब के कारोबार में लगाता था.

1 हफ्ते पहले 15 लाख किए ट्रांसफर
जय बाजपेयी ने एक हफ्ते पहले 15 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे. सूत्रों की माने तो उसने एसटीएफ को पूछताछ में बताया कि एक हफ्ते पहले उसने 15 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे.जय ने विकास से 2% ब्याज पर 5.50 करोड़ रुपए लिए थे. जिसे उसने 5% पर किसी और को दिए थे. वह विकास के पैसे से बड़े स्तर पर बीसी खिलाता था. इसकी पहली किश्त उसने 10 दिन के अंदर विकास को पहुंचा दी थी. जय वाजपेयी ने हाल में ही दुबई में 15 करोड़ रुपए की कीमत से फ्लैट खरीदा था. जय और विकास दुबई में उसी फ्लैट में रुकते थे.सूत्रों के हवाले से खबर है कि जय जमीनों की खरीद फरोख्त करता था. वह विकास के बल पर विवादित जमीनें लेता था और फिर उन्हें बेचता था. इसके अलावा मार्केट में ब्याज पर रुपए बांटने का काम भी है. 15 से अधिक मकान हैं और वह दर्जनों फ्लैट का मालिक भी है.ऐसी आशंका जताई जा रही है कि विकास को जिला पार करवाने में जय ने मदद की. 24 घंटे पूछताछ के बाद एसटीएफ जय को लखनऊ लेकर गई थी.

7 साल पहले प्रिंटिंग प्रेस में चंद हजार रुपयों की करता था नौकरी
ब्रह्मनगर निवासी जय बाजपेयी सात सालों के अंदर अचानक से अमीर बन गया. सात साल पहले वह एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था वहां उसे सैलरी के रूप में कुछ हजार रुपए मिलते थे. 7 साल में वह दर्जनों बंगलों का मालिक बन बैठा. वह लग्जरी कारों का भी शौकीन है.पेट्रोल पंप होने की बात सामने आयी है.पुलिस उसके बैंक एकाउंट के डिटेल खंगाल रही है.

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