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Kanpur Encounter – अपराधी का साथी होने की परिजनों ने भुगती सजा, नहीं देख सके अंतिम बार चेहरा


Kanpur Encounter – अपराधी का साथी होने की परिजनों ने भुगती सजा, नहीं देख सके अंतिम बार चेहरा

बिकरु गांव की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. विकास का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है. हालांकि अब विकास के अपने लोगों ने ही मुंह खोलना शुरू कर दिया है. हत्याकांड के दिन ही एनकाउंटर में मारे गए विकास के मामा प्रेम कुमार पांडेय की पत्नी और बहू ने पुलिस और मीडिया के सामने कई राज खोले. उन्होंने कहा, विकास ने हमारी गृहस्थी तबाह कर दी. वह बेगुनाह थे, उनका कसूर केवल इतना था कि भाई विकास के डर से उनके साथ जाते थे.गौरतलब है कि एनकाउंटर में पुलिस ने प्रेम कुमार पांडेय को मार गिराया था. रविवार को उसकी फैमिली को पता चला कि उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

पुलिस को कठघरे में खड़ा किया
मुठभेड़ में मारे गए प्रेम कुमार पांडे के परिवार को रविवार को जब यह पता चला कि उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है तो पत्नी सुषमा पांडे और बहू वर्षा पांडे का धैर्य जवाब दे गया. उन्होंने सबसे पहले पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया, एक बार उनका मुंह तक नहीं देखने दिया गया. उन्होंने कि पुलिस पर हमले में उनका कोई हाथ नहीं था. सास और बहू ने पुलिस को भी कठघरे में खड़ा किया है और आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम के बाद जानकारी दिए बिना अंतिम संस्कार करके आखिरी बार चेहरा भी नहीं देखने दिया.

पुलिस घटनाक्रम की असली आरोपी
सुषमा ने कहा कि पति की मजबूरी थी कि वह विकास दुबे का साथ देते थे. विकास दुबे के लोगों ने पुलिस वालों के साथ जो किया उसका उन्हें अफसोस है. पुलिस विकास दुबे को मारे जो घटनाक्रम का असली आरोपी है. बहू वर्षा ने कहा कि उनके परिवार के लिए विकास दुबे किसी अभिशाप से कम नहीं है, वर्ष 2001 में संतोष शुक्ला हत्याकांड के समय भी पुलिस ने ससुर को केवल इसलिए गिरफ्तार किया था क्योंकि वह विकास दुबे के साथ चलते थे. विकास उन्हें जबरन अपने साथ रखता था, जब संतोष शुक्ला हत्याकांड के बाद हथकड़ी लगाकर ससुर को घर से ले गई तो सदमे में ननद की मौत हो गई थी. विकास के कारण इस बार ससुर को जान से हाथ धोना पड़ा है. पूरी घटना में अगर कोई कसूरवार है तो वह विकास दुबे है. पुलिस विकास दुबे तक नहीं पहुंच पा रही है और बेगुनाह लोगों पर कार्रवाई कर रही है.

पुलिस बोली, शव लेने नहीं आए परिजन
पुलिस का कहना है कि प्रेम प्रकाश और चचेरे भाई अतुल के शव ले जाने की सूचना परिजनों को दी थी. कुछ रिश्तेदारों ने पहुंचकर सुपुर्दगी तो ले ली, लेकिन अंतिम संस्कार कराने से असमर्थता जता दी . बाद पुलिस ने दोनों शव भैरोघाट ले जाकर क्रियाकर्म कराया.

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