- आँखों के सामने भाग गए अपहरणकर्ता
- लैब टेक्नीनिशयन बेटे को छुड़ाने के लिए मकान और जेवर बेचकर जुटाई थी रकम
अमित बिश्नोई
दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के मामले में कानपुर पुलिस की फजीहत पहले से ही हो रही है. अब इस कड़ी में एक मामला और जुड़ गया है. अपहरण के केस में पुलिसकर्मियों की संलप्तिा है कि नहीं इसकी जांच शुरू हो गई है. यह मामला अक्सर सुर्खियों में रहने वाले बर्रा थाने का है. हाल ही में इंस्पेक्टर ने छेड़छाड़ पीड़िता मामले में पीडि़ता पर ही केस दर्ज करा दिया था. उस मामले में जांच चल रही है. अब एक नया मामला पुलिस की किरकरी करा रहा है.
दरअसल, कानपुर के बर्रा 5 के रहने वाले चमन यादव का बेटा संजीत लैब टेक्नीशियन है. वह बीती 22 जून को बाइक से ऑफिस जाने को कहकर निकला था लेकिन वह नहीं लौटा. उसकी बाइक भी बरामद नहीं हुई. पीड़ित परिवार ने बर्रा थाने में घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिस उसे नहीं तलाश पाई. इस मामले में एसएससपी साउथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
एक ही नंबर से मांगते रहे फिरौती, पुलिस ट्रेस नहीं कर सकी
तीन दिन बाद संजीत के पिता के मोबाइल पर बदमाशों ने फोन करके संजीत को छोड़ने के लिए 30 लाख की फिरौती मांगी, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए प्लान बनाया और परिवार से कहा 30 लाख रुपये का इंतजाम कीजिए, पुलिस का प्लान था कि जब बदमाश फिरौती की रक़म लेने आएंगे तब उन्हें दबोच लिया जाएगा. इस पर पीड़ित परिवार ने बर्रा 5 में अपना मकान 20 लाख रुपए में बेचा और बेटी की शादी के लिए बनवाए जेवर बेचकर 30 लाख रुपए का इंतजाम किया.इस मामले में पुलिस हर कदम पर लापरवाही बरती रही. इसके चलते पीड़ित परिवार के हाथ से मकान और जेवर बेचकर जुटाई गई रकम चली गई.परिजनों के अनुसार बदमाश लगातार उनसे एक ही नंबर से बात करते रहे. पुलिस को पहले ही सूचना दी थी इसके बाद भी पुलिस ट्रेस नहीं कर सकी.
एसपी साउथ का वीडियो हो रहा वायरल
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता से कहा था कि बैग में कोई चिप लगा दी जाए, जिससे बदमाशों की लोकेशन मिल सके, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी. सोशल मीडिया में अपर्णा गुप्ता का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो कह रही हैं कि पुलिस टीम जब तक डेढ़ दो किलोमीटर दौड़ कर जाती उससे पहले बदमाश बैग लेकर चंपत हो गए.दुखी बहन का कहना है कि उनके भाई का अपहरण हो गया था. पुलिस ने कुछ नहीं किया. पुलिस ने हमसे 30 लाख रुपया भी दिलवा दिया. अब मेरा पैसा भी चला गया भाई भी नहीं मिला. पुलिस ने मेरे साथ गद्दारी की है. एसपी अपर्णा से जब हमने कहा कि बैग में चिप लगवा दो तो वह हमसे गुस्सा करके कहने लगीं की जाइये इतनी छोटी-छोटी बात के लिए हमारे पास न आया करें.
एसएसपी ने कही दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की बात
कानपुर पुलिस की फजीहत के बाद एसएसपी दिनेश कुमार पी ने मामले की जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात कही है. एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा कि लापरावही के दोषी पुलिसकर्मियों को बख्सा नही जाएगा.वह खुद पूरे मामलेे की मॉनिटरिंंग कर रहे हैं. जल्द ही युवक और रुपयों की वापसी सुनिश्चित की जाएगी.
सवालों के घेरे में बर्रा इंस्पेक्टर
बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय की ओर से बरती गई लापरवाही की वजह से पीड़ित परिवार को भुगतना पड़ा.एसएसपी दिनेश कुमार पी ने मामले की जांच शुरू कर दी है.हाल ही छेड़छाड़ की पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.इस मामले में बर्रा थाने प्रभारी पर आरोपी के साथ सेटिंग कर बाद में पीड़िता के खिलाफ ही बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के आरोप लगे थे. इस मामले में भी एसएसपी ने इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच शुरू की थी.

