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ज़मीन से आसमान में छलांग, टाटा का अगला मिशन

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दमदार गाड़ियां बनाने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा ग्रुप अब हेलीकॉप्टर बनाएगी। इसके लिए टाटा ग्रुप ने यूरोपीय कंपनी एयरबस के साथ करार किया है। ये जानकारी खुद एयरबस ने दी है। यानि टाटा अब ज़मीन पर दौड़ने के बाद आसमान में उड़ने की तैयारी कर रही है. जानकारी के मुताबिक एयरबस हेलीकॉप्टर्स ने कहा कि वह देश में हेलीकॉप्टर बनाने का संयंत्र स्थापित करने के लिए टाटा ग्रुप के साथ साझेदारी कर रहा है। कंपनी ने अपने एक बयान में कहा कि वह विनिर्माण इकाई के जरिये ‘सिविल रेंज’ के एयरबस एच125 हेलीकॉप्टर की असेम्बलिंग करेगी। ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (FAL ) प्राइवेट सेक्टर में हेलीकॉप्टर विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का पहला उदाहरण होगा। इसका प्रोडक्शन भारत और कुछ पड़ोसी देशों को निर्यात करने को लेकर किया जाएगा। दोनों कंपनियों का ये गठजोड़ भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रम को गति देगा।

इस पार्टनरशिप के तहत टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL ) एयरबस हेलीकॉप्टर्स के साथ प्लांट स्थापित करेगी। इस करार की घोषणा गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान की गयी। एयरबस हेलीकॉप्टर्स के मुताबिक भारत में FAL प्रमुख कल-पुर्जों की असेम्ब्लिंग, एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम, पावर हार्नेस की स्थापना, हाइड्रोलिक सर्किट, फ्लाइंग कण्ट्रोल, फ्यूल सिस्टम और इंजन के एकीकरण का काम करेगा।

जानकारी में बताया गया है कि फाइनल असेंबली लाइन को स्थापित होने में दो वर्षों का समय लगेगा। पहले ‘मेड इन इंडिया’ एच125 की डिलिवरी 2026 के शुरू होने की उम्मीद है। FAL लगाने के लिए स्थान एयरबस और टाटा समूह संयुक्त रूप से तय करेंगे। एयरबस के सीईओ गुइलाम फाउरी ने कहा कि ‘मेड-इन-इंडिया’ सिविल हेलीकॉप्टर आत्मविश्वास से भरे नए भारत का प्रतीक होगा। इस साझेदारी पर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है और यह सहयोग स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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