नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन यानी जेकेसीए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आज मंगलवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले की जांच कर रही है। विशेष कोर्ट ने अब सभी को 27 अगस्त को तलब किया है। ईडी ने दावा किया है कि जेकेसीए के तत्कालीन पदाधिकारी एहसान अहमद मिर्जा ने दूसरे आरोपियों सलीम खान (पूर्व महा सचिव), गुलजार अहमद (पूर्व अकाउंटेंट जेकेसीए), मीर मंजूर गजनफर, बशीर अहमद मिसगर (जेके बैंक एक्जीक्यूटिव) और डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ मिलकर जेकेसीए के खाते से 51.90 करोड़ रुपये निकाल लिए थे।
अब विशेष अदालत ने फारूक अब्दुल्ला सहित अन्य आरोपियों को 27 अगस्त को तलब किया है। ईडी ने इस मामले में फारूक अब्दुल्ला से गत 31 मई को तीन घंटे पूछताछ की थी। जेकेसीए में वर्ष 2004 से लेकर 2009 के बीच की अवधि में पैसों के घोटाले की जांच सीबीआई और ईडी कर रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला वर्ष 2001 से लेकर 2012 तक जेकेसीए के अध्यक्ष रह चुके थे। अब तक की जांच में ईडी की ओर से फारूक अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ की अचल संपत्ति सहित 21 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया गया है।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ था कि एहसान अहमद मिर्जा ने जेकेसीए के अन्य पदाधिकारियों की मिलीभगत से 51.90 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत हितों और कारोबारी देनदारी चुकाने के लिए उपयोग किया था।

