मुक्केबाज अमित पंघाल, निकहत जरीन, नीतू गंघास और मोहम्मद हुसामुद्दीन के बाद जैस्मिन ने भी महिला मुक्केबाज़ी में 60 किलोग्राम के वर्ग में सेमी फाइनल में पहुँच बनाकर भारत के लिए पदक पक्का कर दिया है, अब देखना है यह सारे भारतीय मुक्केबाज़ कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में किस रंग का पदक हासिल करने में कामयाब होते हैं, पदकों की संख्या तो बढ़ना पक्का है लेकिन देखना होगा कि इसमें कितने गोल्ड या सिल्वर मेडल हो सकते हैं.
जैस्मिन ने गुरुवार को न्यूजीलैंड की ट्रॉय गार्टन को 4-1 को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है. जैस्मिन ने धीमी शुरुआत की मगर पहले राउंड के अंत में उन्होंने कुछ अच्छे पंच लगाए। हमले के लिए जस्मीन ने जैब-हुक का अच्छा इस्तेमाल किया. गार्टन ने भी जैस्मिन पर जवाबी हमले किये जो उनके चेहरे पर लगे. लेकिन पहले राउंड में पांचों रैफरी ने जैस्मिन के पक्ष में फैसला सुनाया.
दूसरे राउंड में गार्टन ने रिंग में कदम रखते ही जैस्मिन पर हावी होने की कोशिश की. लेकिन जैस्मिन अपना शानदार तरीके से बचाव किया. गार्टन ने कुछ अच्छे पंच लगाए लेकिन जैस्मिन की हाइट के कारण वह वह सटीक पंच लगाने से चूक गईं. अंतिम क्षणों में जैस्मिन ने अटैक गार्टन पर अटैक शुरू किया और अच्छे कॉम्बीनेशन के सटीक पंच लगाए. इस राउंड में 3-2 से फैसला जैस्मिन के हक़ में रहा. तीसरे राउंड में जैस्मिन ने अपने फुटवर्क का गज़ब इस्तेमाल किया. अपने फुटवर्क से जैस्मिन ने गार्टन को भ्रमित किया और उनके हमलों को बेकार किया. तीसरे राउंड में गार्टन ने हालांकि बेहतर खेल दिखाया और मुकाबला भी अपने नाम किया।

