यूपी चुनावी दंगल 2022: जन चौपालें हुईं वर्चुअल, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक कर रहे संवाद

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यूपी चुनावी दंगल 2022: जन चौपालें हुईं वर्चुअल, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक कर रहे संवाद

कोरोना वायरस संक्रमण ने बदल दी चुनावों की दशा और दिशा सोशल साइट्स पर खूब भिड़ रहे समर्थक

अमित बिश्‍नोई

यूपी चुनावी दंगल 2022– अदृश्य कोरोनावायरस ने चुनावों की दशा और दिशा दोनों बदल दी है। एक दौर था जब चुनाव आते ही गांव-गांव,शहर-शहर, गली के नुक्कड़, बीच चौराहों से लेकर आते-जाते लोगों की चौपाले लगनी शुरू हो जाती थी। राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही जन सभाओं की तैयारी जोरों शोरों पर होती थी। बड़े-बड़े मैदान मे शामियाने लगते थे। जिसकी रैली में सबसे ज्यादा भीड़ उसे ही जीत का प्रबल दावेदार माना जाता था। लेकिन वक्त अब बदल चुका है। कोरोना की रफ्तार और बदलती टेक्नोलॉजी ने इन चौपालों, जनसभाओं और संवादों को वर्चुअल कर दिया है। प्रधानमंत्री से लेकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपना प्रचार कर रहे हैं। वही पार्टियों के समर्थक भी अब डिजिटली वार में जुट गए हैं।

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सोशल मीडिया पर खूब भिड़ रहे कार्यकर्ता
चुनावी प्रचार प्रसार का दायरा अब से पहले क्षेत्र तक ही सीमित था, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के चलते अब लोग ग्लोबली जुड़ रहे हैं। टि्वटर हो, फेसबुक हो, व्हाट्सएप हो, इंस्टाग्राम हो या कोई दूसरा प्लेटफार्म, एक राज्य से दूसरे राज्य के समर्थक व प्रतिद्वंदी एक दूसरे से भिड़ने और अपने नेता को बड़ा बताने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। मजेदार मीमस पोस्ट हो रही हैं। जिनके जरिये भी लोगों का खूब मनोरंजन हो रहा है।

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यूपी चुनावी दंगल 2022: जन चौपालें हुईं वर्चुअल, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक कर रहे संवाद
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मजेदार मीमस पोस्ट

जुड़ रहे सैकड़ों लोग
एंड्राइड मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सैकड़ों लोग अलग-अलग जगहों से बैठे हुए एक साथ जुड़ पा रहे हैं। इसका फायदा राजनीतिक दलों को भी खूब मिल रहा है। लखनऊ हो, दिल्ली हो, पंजाब हो, कोई अन्य राज्य हो या अन्य जिला एक ही जगह बैठकर कहीं से भी कनेक्टिविटी जोड़ी जा रही है। जिसका सीधा सीधा फायदा राजनीतिक दलों को अपने प्रचार प्रसार में मिल रहा है। सोशल मीडिया साइट्स इन दिनों वर्चुअल अखाड़ों में बदल चुके हैं। पोस्ट, कमेंट, वीडियो जैसे हथियारों के जरिए राजनीतिक दलों की चुनावी फौज जमकर डिजिटल वार कर रही है। दूसरे दलों की फौज भी घर बैठकर इनसे खूब भिड़ रही है।

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