मक्का। हज के लिए दुनिया के विभिन्न स्थानों से आए मुस्लिम इन दिनों इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल सऊदी अरब के मक्का शहर में हैं। कोरोना महामारी के बाद सबसे बड़ी हज यात्रा शुरू होने जा रही है। हज इस्लाम के पांच स्तंभों में एक है। दुनिया के सभी मुस्लिमों के लिए एक बार हज करना फर्ज है।
Read also: Gyanvapi Masjid Case : मुस्लिम पक्ष की दलीलें पूरी, अब 4 जुलाई को सुनवाई
इस बार 10 लाख लोगों को हज के लिए मक्का की बड़ी मस्जिद पहुंच परंपरा निभाने की अनुमति दी गयी है। हज करने आए जायरीन हम्मद ताहिर ने बताया कि वो यहां आकर रोमांचित और खुश हैं। धार्मिक फर्ज बताए गए काम को पूरा करना वाकई बेहद अच्छा है।
सऊदी अरब ने पिछले महीने कोरोना महामारी के दौर में लागू पाबंदियों को हटा दिया है। इनमें मास्क भी शामिल है। इस साल अरब ने देश और विदेश से 10 लाख लोगों को हज करने की अनुमति दी है।
हालांकि इसके लिए वैक्सीन की सभी खुराक लेने और हज पर जाने वाले कि उम्र 65 साल से अधिक नहीं होने की शर्त लगाई गई है। पिछले साल कोरोना महामारी के कारण केवल कुछ हजार अरब के जायरीनों को हज करने की अनुमति मिली थी।
सऊदी के हज उमरा मंत्रालय के मुताबिक विदेश से आने वाले जायरीनों को कोरोना की निगेटिव पीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी जरूरी है। इसी के साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य पाबंदियां भी लागू होंगी। मक्का की बड़ी मस्जिद में जायरीन तवाफ रस्म अदा करेंगे। जिसमें काबा परिक्रमा की जाती है। वैसे कोरोना संक्रमण से पहले दुनियाभर से करीब 25 लाख लोग हर वर्ष हज के लिए अरब की यात्रा करते थे।
