Site icon Buziness Bytes Hindi

किसानों को भी दिवाली का तोहफा देती केंद्र सरकार तो अच्छा होता


किसानों को भी दिवाली का तोहफा देती केंद्र सरकार तो अच्छा होता

लखनऊ। लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत दिलाने के साथ तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर यदि केंद्र सरकार किसानों को भी दीवाली का तोहफा देती तो अच्छा होता। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि भाजपा के ‘सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास’ के दावे पर कैसे यकीन किया जाये तब देश का किसान लंबे अरसे से धरने पर बैठा है और उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।

Read also: यूपी : मायावती के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी भाजपा की बेबी रानी मौर्य

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ सत्तारूढ़ भाजपा पर विपक्षी दल हमलावर हो गये हैं। किसानों की मांग को जायज बताते हुए विपक्षी दल तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बहुजन समाजवादी पाटी की मुखिया मायावती ने रविवार को ट्वीट कर भाजपा के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास’ पर सवाल उठाये। मायावती ने कहा कि लोग भाजपा के दावे पर कैसे यकीन करें जब देश का किसान परेशान है। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करने वाले किसान आंदोेलित और आक्रोशित हैं। मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन साल के कार्यकाल में पहली बार उत्पाद कर में कटौती कर लोगों को राहत दी है। मगर दीवाली के बाद केंद्र सरकार तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेकर किसानों को दीवाली का तोहफा देती तो और बेहतर होगा।

Read also: दलित परिवार को 50 लाख और सरकारी नौकरी दें पंजाब के सीएमः मायावती

भाजपा पर लगाया माहौल खराब करने का आरोप

बसपा प्रमुख मायावती भाजपा और सपा पर लगातार निशाना साध रही हैं। हाल ही में मायावती ने ट्वीट कर दोनों पार्टियों पर मिलीभगत कर माहौल को हिन्दू-मुस्लिम कर खराब करने का आरोप लगाया था। हरदोई में सपा मुखिया अखिलेश यादव का जिन्ना को लेकर दिया गया बयान का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि यह बयान भाजपा और सपा की मिलीभगत और सोची-समझी रणनीति है। सपा प्रमुख ने बयान दिया और भाजपा ने इसे तुरंत लपक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है।

Exit mobile version