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बायो बबल में लम्बे समय तक रहना बहुत मुश्किल: कोहली


बायो बबल में लम्बे समय तक रहना बहुत मुश्किल: कोहली

पुणे। कोरोना काल में खेलों का आयोजन काफी चुनौतीपूर्ण है। इस संकट के दौर में खिलाड़ियों को सख्त बायो बबल में रहना पड़ता है जिसकी वजह से खिलाड़ियों को ना सिर्फ शरीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की शुरुआत से पहले कप्तान विराट कोहली ने बायो बबल के दौर में खेले जाए रहे क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर खुलकर बात की है।

विराट कोहली ने कहा कि क्रिकेट शेड्यूल हमारे हाथ में नहीं है, हमारे लिए हर अंतरराष्ट्रीय मैच, हर खेल अहम है और हर खेल की हमारे लिए खास अहमियत है। यह खिलाड़ी के पास मौका होता है कि वह अपनी टीम के लिए खेले। आपके पास यह मौका होता है कि आप अपनी टीम की ओर से खेल सकते हैं। हमारे लिए सबसे अहम बात यही है और हम इसी पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। बता दें कि बायो बबल को लेकर कैगिसो रबाडा ने कहा था कि यह आलीशान जेल की तरह है। जबकि जस्टिन लैंगर ने कहा कि क्वारेंटीन की ना सिर्फ खिलाड़ी बल्कि पूरे परिवार की नाराजगी की वजह बना हुआ है।

विराट कोहली ने कहा कि मैंने पहले भी यह कहा है कि शेड्यूल और वर्कलोड को लेकर हर किसी को पहले से जागरुक रहना चाहिए और इसपर ध्यान देने की जरूरत है। आपको पता नहीं होता है कि कब और किस तरह का प्रतिबंध लग सकता है। भविष्य में हमे बबल्स में खेलना पड़ सकता है, लिहाजा यह बहुत जरूरी है कि इस बात पर ध्यान दिया जाए कि हम कितना क्रिकेट खेल रहे हैं। यह ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक चुनौती है। खिलाड़ियों से बात की जानी चाहिए और उनकी राय लेनी चाहिए। अन्यथा कौन खिलाड़ी मुश्किल समय में कितने दिन तक रह सकता है यह कह पाना कठिन है। अगर खिलाड़ी बाहर जाता है और उसकी जगह कोई दूसरा आता है, मुझे लगता है कि क्रिकेट के लिहाज से ठीक नहीं है।

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