Chandrayaan-3 Moon landing Live: चंद्रयान-3 मिशन की साफ्ट लैंडिंग पर पूरी दुनिया की निगाहें है। चंद्रयान 3 के लैंडिंग का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान ने नया वीडियो पोस्ट कर मिशन को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। एजेंसी ने बताया कि मिशन अपने तय समय पर ही है।
अंतरिक्ष जगत में भारत आज विश्व में इतिहास रचने की तैयारी में है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का चंद्रयान-3 मिशन आज शाम चंद्रमा की धरती पर ‘साफ्ट लैंडिंग’ करेगा। पूरी दुनिया इस पल के इंतजार में है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या वो इस ऐतिहासिक पल का लाइव प्रसारण देख सकेंगे। इसकी लैंडिंग का सीधा प्रसारण कैसे, कब और कहां देख सकते हैं।
इसरो ने क्या कहा…
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अंतरिक्ष परीक्षण में भारत की प्रगति का प्रतीक होगी। मिशन अपने तय समय पर है। सिस्टम की जांच नियमित रूप से हो रही है। इसी के साथ चंद्रयान 3 मिशन की निगरानी करने वाले लोग जोश और ऊर्जा से भरे हैं।
जानिए कब होगी लैंडिंग
चंद्रयान-3 आज बुधवार 23 अगस्त को ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा। इसे लेकर पूरा देश उत्साहित है। उम्मीद भरी नजरें इन क्षणों को लाइव देखना चाहती हैं। ISRO ने बताया है कि चंद्रयान-3 आज बुधवार शाम छह बजकर चार मिनट पर चांद की सतह पर उतरेगा। इसको इसरो की वेबसाइट पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। जहां से चंद्रयान—3 की लैडिंग को लाइव देखा जा सकेगा।
लैंडिंग मॉड्यूल को उतारने के होंगे ये महत्वपूर्ण कदम
पहला कदम: इस कदम में Chanddrayaan 3 को Moon सतह से 30 KM की दूरी को घटाकर 7.5 KM पर लाया जाएगा।
दूसरा: इसमें चांद की सतह से दूरी 6.8 किमी तक लायी जाएगी। इसमें यान का वेग 350 मीटर प्रति सेकंड किया जाएगा। यानी शुरुआत से करीब साढ़े चार गुना कम होग।
तीसरा: इसमें चंद्रयान को चंद्र सतह से महज 800 मीटर की ऊंचाई तक ले जाया जाएगा। जहां पर दो थ्रस्टर इंजन उसे उतारेंगे। इस तीसरे चरण में चंद्रयान का वेग शून्य प्रतिशत सेकंड के बेहद करीब पहुंच जाएगा।
चौथा: इस चरण में चंद्रयान को सतह के 150 मीटर करीब तक लाया जाएगा। इसे वर्टिकल डिसेंट कहा जाता हैं। यह खड़ी लैंडिंग और खतरनाक होती है।
पांचवां: इसमें चंद्रयान में लगे सेंसर और कैमरा से मिले लाइव इनपुट को पहले से स्टोर किए गए रेफरेंस डाटा से मिलाया जाएगा। इस डेटा में 3,900 तस्वीरें शामिल हैं। जो चंद्रयान 3 के उतरने वाली जगह वाली हैं। इस तुलना से निर्णय होगा कि चंद्र सतह से ऊपर जहां लैंडर स्थित है। वहां से सीधे सतह पर उतारें तो लैंडिंग सही रहेगी या नहीं। अगर ऐसा लगा कि लैंडिंग की जगह अनुकूल नहीं है। तो ऐसे में थोड़ा दाईं ओर या बाईं ओर मुड़ेगा। इस चरण में यान चंद्र सतह के 60 मीटर तक करीब पहुंचेगा।
छठा: यह लैंडिंग का आखिरी चरण है। इसमें लैंडर को सीधे चंद्र सतह पर उतार दिया जाएगा।
