Site icon Buziness Bytes Hindi

क्या मोदी की मुफ्त राशन योजना आर्थिक नाकामियों पर पर्दा डालने की चाल

व्यापार:- जब से कोरोना का दौर आया है भारत की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है महंगाई चर्म सीमा लांघ रही है और आम आदमी तंगी से परेशान हैं। वही मोदी सरकार की मुफ्त राशन योजना गांव में राशन वितरण कर कही न कही आर्थिक संकट पर पर्दा डाले हुए हैं। अपने कभी सोचा है की पिछले दो वर्षों से मोदी सरकार जनता के बीच मुफ्त राशन की योजना चला रही है क्या यह योजना महज लोगो के पेट भरने के उद्देश्य से संचालित है या इसके पीछे मोदी सरकार की कोई बड़ी चाल से।
सोचिए अगर मुफ्त राशन योजना बन्द कर दी जाए तो देश के कितने लोग सड़कों पर उतर आएंगे और भारत की गरीबी जगजाहिर हो जाएगी। इस बढ़ी हुई महंगाई में मोदी सरकार सावालो के तांडव से जूझने लगेगी और उनका आर्थिक विकास मॉडल फेल हो जाएगा। अभी हाल ही में आई सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोविड -19 की दूसरी लहर के कारण एक करोड़ (10 मिलियन) से अधिक भारतीय बेरोजगार हुए हैं वही देश के 97 फीसदीं परिवारों की आय में कमी आई है जो बड़ी चिंता का विषय है। 
क्योंकि रिपोर्ट के आंकड़े बता रहे हैं कि हम आज उस मोड़ पर खड़े हैं जहां से हमे लगा एक धक्का हमारी जिंदगी को तहस नहस कर देगा। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया है की भारत मे नौकरियों का संकट गहराता जा रहा है बेरोजगारी दर 8 फीसदीं से 12 फीसदीं पर पहुंच गई है। अगर हम विकास की दृष्टि से देखे तो यह दर 3 से 4 फीसदीं होनी चाहिए। 
वही इस बीच महंगाई आम आदमी की कमर तोड़े हुए हैं महंगाई तब आई है जब देश बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) 7.79 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुका है. वहीं खाद्य मुद्रास्फीति 8.38% हो चुकी है जो केंद्र सरकार को सावालो के घेरे में उतार रही है और उनकी मुफ्त राशन योजना को उनकी विफलता पर पर्दा डालने की चाल बता रही है।
Exit mobile version