Market: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज की दरों में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। उनकी इस बढ़ोत्तरी के बीच निवेशकों का उनपर से भरोसा उठता जा रहा है इस घटते भरोसे के बीच विदेशी निवेशकों ने भारत के बाजर से 12,300 करोंड रुपए निकाल लिए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा बढ़ाई गई ब्याज दर की कीमतों का कारण रूस युक्रेन युद्ध , कच्चे तेल में हुई बढ़ोत्तरी है। अब इस सबके बीच शेयर बाजार में FPI का निवेश दवाब बना रहेगा। जानकारी के लिए बता दें FPI ने भारतीय शेयर बाजारों में लगातार छह महीने तक बिकवाली की थी।
FPI ने भारतीय शेयर बाजार से 1.48 लाख करोड़ थे। इनके द्वारा इतने रुपए निकालने का मुख्य कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि व शेयर बाजार में दर्ज हो रही गिरावट थी। वही अगर हम FPI के अप्रैल में किए निवेश की बात करें तो इन्होंने शेयर बाजार में अप्रैल के प्रथम सप्ताह में 7,707 करोड़ रुपये निवेश किए वही लगातार आ रही गिरावट के बाद उन्होंने शेयरों से 4,500 करोड़ रुपये की निकासी की।
शेयर बाजर में लगातार आ रहे उतार चढ़ाव के संदर्भ के विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका निवेशकों को प्रभावित कर रही है। निवेशक अब सतर्क हो गए हैं और वह सोच समझ कर शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं।
