लाइफस्टाइल डेस्क। 6 Apps For Women Safety – 8 मार्च यानी आज विश्व महिला दिवस मनाया जाता है, इस दिन का उद्देश्य महिलाओं को समाज में सम्मान दिलाना और अधिकारों के बारे में जागरूक कराना है। इसीलिए आज हम आपको ऐसे 6 दमदार एप्स के बारे में बातएंगे, जिसके इस्तेमाल से आप सुरक्षित वातावरण महसूस करेंगे , चलिए फिर जानते है।
Safetipin

Safetipin एप जीपीएस ट्रैकिंग, इमरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबर, सुरक्षित जगह तक पहुंचने का रास्ता जैसे फीचर्स से लैस है। इसमें खास बात ये है की ये एप यूजर के आसपास के सुरक्षित जगह को पिन करता है और जो जगहें सेफ नहीं होती उसे लाल रंग से दिखा देता है। इसके इस्तेमाल से महिलाएं अलर्ट हो सकती हो और साथ ही असुरक्षित जगहों को पिन भी कर सकती है।
Read also: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर महिलाओं को राष्ट्रपति ने दी बधाई
Himmat

Himmat दिल्ली पुलिस द्वारा लांच किया गया एप है, इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होगा। बता दे, इस एप की मदद से यूजर संकट में एसओएस मैसेज भेज सकती है। ऐसा करने से लोकेशन , ऑडियो-वीडियो दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी और वे आपकी मदद कर सकेगे।
Raksha

Raksha काफी बहतरीन एप है, इसे आप बिना इंटरनेट के भी इस्तेमाल कर सकते है। किसी संकट में आप इसके बटन को प्रेस करके कॉन्टेक्ट नंबरों को अपनी हालिया लोकेशन भेज सकती है। अगर कभी ये बंद हो, तो भी बटन को 3 सेकेंड तक दबाकर अलर्ट मैसेज जरूरी लोगों तक पहुंच जाता है।
Smart24*7

Smart24*7 महिलाओं और बुजुर्गों की मदद के लिए बनी है, इसकी इसका पैनिक बटन दबाने पर इमरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबरों पर अलर्ट मैसेज चले जाता है। खास बात ये है की इसमें आप आवाजों को रिकॉर्ड करके और फोटोज़ खींचकर स्थानीय पुलिस को भी भेज सकते है।
Read also: दूसरों की जिंदगी को रंगों से सराबोर करते हैं इन विधवा महिलाओं के हाथों से बने फूलों के गुलाल
Shake2Safety

Shake2Safety काफी अनोखी एप है इसे बस मुसीबत के समय आप अपने मोबाइल फोन को हिलाएं या पावर बटन को 4 बार दबाएं। ऐसा करने से रजिस्टर किए गए नंबरों पर मैसेज या कॉल चली जाएगी। बता दे, ये बिना इंटरनेट भी काम करता है।
Truecaller

ट्रुकॉलर ने महिलाओं की आवाज़ उठाने के लिए और एसएमएस/ फोन कॉल पर उनके साथ होने वाले शोषण के खिलाफ़ एक कैंपेन इट्स नॉट ओके-कॉल इट आउट (#ItsNotOk- callItOut) की शुरूआत की है। इसमें महिलाओं के साथ होने वाले शोषण के खिलाफ़ शिकायत कर और उन्हें ज़रूरत पड़ने पर पूरा सहयोग प्रदान करना है। बता दे , इसके लिए ट्रुकॉलर ने साइबर पीस फाउन्डेशन के साथ साझेदारी कर साइबर सेफ्टी प्रोग्राम का लॉन्च किया है।

