श्रीलंका इन दिनों गहरे आर्थिक संकट में है, जहाँ श्रीलंका के नये PM रानिल विक्रमसिंघे ने वित्त मंत्री के रूप में शपथ ली है। वहीं इस पद को संभालने के बाद उन पर बड़ी जिम्मेदारी आ गयी है, क्योंकि उन्हें जल्द ही आर्थिक संकट से देश को निकालना होगा, जिसके लिये वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ बातचीत शुरू कर सकते हैं।
वहीं अभी हाल में ही 24 मई को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने विक्रमसिंघे की कैबिनेट का विस्तार करते हुये 24 मई को नये लोंगो को इसमें सम्मलित किया था, लेकिन इस दौरान वित्त मंत्री की नियुक्ति नहीं की गयी थी।
वहीं आर्थिक संकट से श्रीलंका को उबारने के लिये सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुये सरकारी एयरलाइन को बेचने का फैसला किया है, साथ ही सरकार अब नई करेंसी को जल्द ही छापेगी। इसके साथ ही 6 हफ़्तों के अंदर ही अंतरिम बजट श्रीलंका में पेश किया जायेगा, इसके साथ ही बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में भी कटौती की जायेगी।
दूसरी तरफ श्रीलंका में 1948 की आजादी के बाद यह सबसे गहरा आर्थिक संकट माना जा रहा है, जहाँ इस समय जरूरत की चीजों के दाम आसमान पर पहुँच गये हैं। इसके साथ ही खाने-पीने के सामान के साथ-साथ ईंधन, गैस आदि का भी गहरा संकट छाया हुआ है, जिसके चलते आम लोग सड़कों पर आ गये हैं।

